मुश्किल में नवाज शरीफ, पनामा घोटाला केस में JIT के सामने होना पड़ा पेश

इस्लामाबाद (15 जून): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI नवाज शरीफ पर लगातार दवाब बनाए हुई है वहीं अब पनामा घोटाला केस में भी नवाज शरीफ की मुश्किलें बढ़ गई है। नवाज शरीफ को न चाहते हुए भी पमानागेट घोटाला की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित दल के सामने पेश होना पड़ा।

नवाज शरीफ पाकिस्तान के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हे पद पर रहते हुए, इस तरह के किसी आयोग के सामने पेश होना पड़ा है। हालांकि नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने न्यायिक अकादमी रवाना होने के पहले अपने पिता और उनके प्रमुख सहयोगियों की एक तस्वीर पोस्ट करके ट्वीट किया, 'आज के दिन ने इतिहास रच दिया है। PM ने मिसाल कायम की है।'

सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में 20 अप्रैल को जेआईटी का गठन किया था और उसे प्रधानमंत्री, उनके बेटे और मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार दिया था। यह दल मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है जिसके जरिए लंदन के पॉश पार्क लेन क्षेत्र में चार अपार्टमेंट खरीदे गए थे। हालांकि, शरीफ ने इन आरोपों से इनकार किया है। JIT को 60 दिन में अपनी जांच पूरी करनी है।