सिंधु जल समझौते पर विश्व बैंक के CEO के सामने रोये नवाज शरीफ

इस्लामाबाद (26 जनवरी): सिंधु जल समझौते पर भारत के सख्त रूख के बाद पाकिस्तान को समझ में नहीं आ रहा है कि वो करे तो क्या करे। इसी कड़ी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO क्रिस्टालिना जॉर्जिविया से मुलाकात की और सिंधु जल समझौते को लेकर भारत के कड़े तेवर की बात कही। 

नवाज शरीफ ने क्रिस्टालिना जॉर्जिविया से कहा कि भारत चेनाब नदी पर दो पनबिजली परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। नवाज शरीफ ने 850 मेगावाट की रातले और 330 मेगावाट की किशनगंगा पनबिजली योजनाओं पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से चेनाब और नीलम नदी के बहाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

इस सिलसिले में भारत ने विश्व बैंक से एक तटस्थ विशेषज्ञ की नियुक्ति का अनुरोध किया है, तो वहीं पाकिस्तान ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग की है। विश्व बैंक ने भारत द्वारा बनाए जा रहे बांध के मुद्दे पर दिसंबर महीने में इस्लामाबाद तथा नई दिल्ली के बीच मध्यस्थता को रोकने की घोषणा करते हुए कहा था कि दोनों देशों को मतभेदों के निपटारे के लिए वैकल्पिक तरीकों पर विचार करना चाहिए।