नवाज़ शरीफ ने कुबूल किया 'भारत की पीठ में छुरा घोंपा गया'

नई दिल्ली (17 फरवरी): मुज़फ्फराबाद में एक जन सभा को सम्बोधित करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने करीब 16 साल बाद कुबूल कर लिया है कि कारगिल पर कब्जे की कोशिश भारत की पीठ में छुरा घोंपने जैसी थी। नवाज शरीफ ने कहा कि लाहौर घोषणापत्र जारी किए जाने के दौरान बाजपेयी जी ने कहा था कि कारगिल पर कब्जा करने की कोशिश के जरिए उनकी पीठ में खंजर घोंपा गया है। बाजपेयीजी ने बिलकुल ठीक कहा था। नवाज ने कहा कि मैं भी वही बात कहूंगा कि वह निश्चित तौर पर उन्हें धोखा दिया गया था।

शरीफ ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री को उस वक्त धोखा दिया गया जब उनके प्रयासों के चलते दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के लोगों और उनके रहन-सहन के बीच समानताओं का जिक्र करते हुए कहा, 'भारत और पाकिस्तान के लोग एक जैसे ही हैं, बस दोनों देशों के बीच सरहद है। हम लोगों के रीति-रिवाज़ और खान-पान सब एक जैसे हैं। फिर हम शांति के साथ क्यों नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें हैं जो भारत-पाक को एक नहीं रहने देना चाहती। नवाज़ शरीफ का निशाना उस वक्त के पाकिस्तानी सेना के जनरल और बाद में पाकिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने वाले परवेज़  मुशर्रफ की ओर था। नवाज़ शरीफ के इस सार्वजनिक बयान पर अभी तक पाकिस्तानी सेना और परवेज़ मुशर्रफ की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।