भारत-अमेरिकी नज़दीकियों से डरा पाक, सेना मुख्यालय में बैठी नवाज़ कैबिनेट

नई दिल्ली (20 जून): पाकिस्तान सरकार की पॉलिसीज से नाखुश पाक सेना प्रमुख ने आर्मी हेडक्वार्टर में पूरी नवाज कैबिनेट के साथ मीटिंग की है। इसमें विदेश और सुरक्षा नीतियों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं से पाकिस्तान परेशान है। पनामा पेपर्स में खुद नवाज का नाम आने के उनकी साख गिरी है। रावलपिंडी की गैरिसन सिटी में बुलाई मीटिंग में मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले गृहमंत्री को छोड़कर पूरी नवाज़ शरीफ की पूरी कैबिनेट मौजूद थी। मीटिंग में आर्मी के आला अफसर भी शामिल थे।

बताया जा रहा है कि मीटिंग का मकसद सरकारी फैसलों में मिलिट्री के दबदबे को दिखाना था। विदेश नीति को लेकर भी नवाज सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। पठानकोट हमले के बाद से भारत के साथ उसके डिप्लोमैटिक रिलेशन में तनाव चल ही रहा है। एनएसजी मेंबरशिप को लेकर अमेरिका भी खुले तौर पर भारत के सपोर्ट में है। एनएसजी मेंबरशिप को लेकर पाकिस्तान ने चीन से सपोर्ट मांगा था। इस मुद्दे पर सपोर्ट के लिए अमेरिका में पाक एम्बेसडर ने ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन को लेटर भी लिखा था।

पाक की मेंबरशिप को लेकर अमेरिका का कोई पॉजिटिव रवैया देखने को नहीं मिला। अफगानिस्तान-ईरान की तरफ से भी पाकिस्तान का टेंशन बढ़ रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर आर्मी चीफ रहील शरीफ चाहते थे कि पाकिस्तानी आवाम में उनकी छवि पाक-साफ बनी रहे और नवाज़ शरीफ सरकार पर दबाव बढाया जा सके।