कल से है नवरात्र, जानें, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

नई दिल्ली(20 सितंबर): शारदीय नवरात्र  21 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस पूजा में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हिन्दू परंपरा के अनुसार इन 9 दिनों का विशेष महत्व होता है।   - नवरात्रों में सबसे अहम माता की चौकी होती है। जिसे शुभ मुहूर्त देखकर लगाया जाता है। माता की चौकी लगाना के लिए भक्तों के पास 21 सितंबर को सुबह 06 बजकर 03 मिनट से लेकर 08 बजकर 22 मिनट तक का समय है।  

- अखंड ज्योती को जलाने से घर में हमेशा मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है। दरअसल अखंड ज्योती के कुछ नियम होते हैं जिसका नवरात्र में पालन करना होता है। हिन्दू परंम्परा है कि जिन घरों में अखंड ज्योती जलाते है उन्हें जमीन पर सोना होता है।   शारदीय नवरात्र 2017 में मां के 9 रूपों की पूजा होती है...

- 21 सितंबर 2017 : मां शैलपुत्री की पूजा  

- 22 सितंबर 2017 : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा  

- 23 सितंबर 2017 : मां चन्द्रघंटा की पूजा  

- 24 सितंबर 2017 : मां कूष्मांडा की पूजा  

- 25 सितंबर 2017 : मां स्कंदमाता की पूजा  

- 26 सितंबर 2017 : मां कात्यायनी की पूजा  

- 27 सितंबर 2017 : मां कालरात्रि की पूजा

- 28 सितंबर 2017 : मां महागौरी की पूजा  

- 29 सितंबर 2017 : मां सिद्धदात्री की पूजा 

- 30 सितंबर 2017: दशमी तिथि, दशहरा

  कैसे करें कन्या पूजन: कन्या पूजन करते समय ये बातें ध्यान रखेंगे तो नवरात्र के मनोरथ सिद्ध होंगे। नौ कन्याओं और एक लंगूर को आमंत्रित करें। लंगूर को माता के रक्षक हनुमान के रूप में बुलाया जाता है। याद रहे कि लंगूर के बिना कन्या पूजन अधूरा रहेगा। सबसे पहले कन्याओं के पैर धोकर उन्हें आसन पर बैठाए। उनके हाथों में मौली यानी कलावा बांधें और माथे पर रोली से टीका लगाएं।