नवरात्रि: अगर विवाह में आ रही बाधा तो ऐसे करें मां गौरी की पूजा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 अक्टूबर): आज नवरात्रि का 8वां दिन है। नवरात्रि के आठवें दिन यानी महा अष्टमी को मां भवानी के आठवें रूप महागौरी की पूजा की जाती है। सुंदर, अति गौर वर्ण होने के कारण इन्हें महागौरी कहा जाता है। महागौरी की आराधना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं, समस्त पापों का नाश होता है, सुख-सौभाग्य की प्राप्‍ति होती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है। मान्यता है कि जो लोग कलश स्थापना नहीं करते या पूरे नवरात्र उपवास नहीं रख पाते उन्हें केवल अष्टमी व्रत रख लेने से पूरे नवरात्र का फल प्राप्त होता है।महागौरी का पूजन करने से अनेक चमत्कारिक परिणाम होते हैं। जो लोग मां महागौरी का पूजन करते हैं उनके असंभव से लगने वाले कार्य भी सफल होने लगते हैं। विवाहित महिलाएं अगर मां गौरी को चुनरी अर्पित करती हैं तो उनके सुहाग की रक्षा होती है। मां बिगड़े हुए कार्यों को बना देती हैं और उनकी उपासना से फल जल्दी प्राप्त होता है। मां गौरी का पूजन करने से तकलीफ दूर होती है, अक्षय, सुख और समृधि प्राप्त होती है। जिन लोगों की शादी में बाधाएं आ रही है तो उन्हें आज इस मंत्र का जाप करना चाहिए।श्वेत वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥मान्यता के मुताबिक भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए महागौरी ने कठोर तपस्या की थी। महागौरी की ये तपस्या इतनी कठोर थी कि देवी मां के शरीर का रंग काला पड़ गया था। इस तप के बाद भगवान शिव ने प्रसन्न होकर मां को स्वीकार किया और उन्हें गौर वर्ण प्रदान किया। इसी के बाद से मां का नाम महागौरी हो गया। माता महागौरी का स्वभाव बहुत ही शांत है, इनका गौर वर्ण है और इनकी चार भुजाएं हैं। एक हाथ अभयमुद्रा में है, एक हाथ में त्रिशूल है। एक हाथ में डमरू और एक हाथ में वरमुद्रा में है। जो महिलाएं मां महागौरी का पूजन करती हैं उन्हें विशेष वरदान मां देती हैं। जो महिलाएं शादी-शुदा हैं, उनके लिए ये दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन उन्हें विशेष रूप से मां का पूजन करना चाहिए।

आराधना मंत्र...या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमस्तस्यै मनो नम:. महागौरी के पूजन करने से अनेक लाभ बताए गए हैं। जो लोग मां महागौरी का पूजन करते हैं, उनके असंभव कार्य भी सफल होने लगते हैं। जो महिलाएं शादीशुदा हैं अगर वो मां गौरी को चुनरी अर्पित करती हैं तो उनके सुहाग की रक्षा होती है। कहते हैं कि मां बिगड़े हुए कामों को भी बना देती हैं और उनकी उपासना से फल शीघ्र प्राप्त होता है। मां गौरी का पूजन करने से दुःख और परेशानी पास नहीं आती। मां का पूजन करने से अक्षय, सुख और समृधि प्राप्त होती है। परिवार से सुख-शांति आती है।