'कौन है कैप्टन' वाले बयान पर मुश्किल में फंसे सिद्धू, साथी विधायकों ने खोला मोर्चा

विशाल अंग्रीस, पंजाब (02 दिसंबर): नवजोत सिंह सिद्धू के बयान पर पंजाब कांग्रेस में जबरदस्त जंग शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पंजाब के वरिष्ठ मंत्री ने बीते शनिवार को नवजोत सिंह सिद्धू के मंत्रिमंडल से इस्तीफे की मांग की है। वहीं नवजोत सिंह सिद्धू ने हैदराबाद में की अपनी उस टिप्पणी को वापस ले लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कहने पर करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया था। सिद्घू ने ट्वीट किया, राहुल गांधी ने मुझे जाने को नहीं कहा था, मैं इमरान खान के निजी आमंत्रण पर वहां गया था। इस बीच उनके 'कौन है कैप्टन' वाले बयान पर साथी विधायकों ने खोला मोर्चा दिया है। 

पंजाब के विधायकों ने पंजाब का कैप्टन....साड्डा कैप्टन यानि पंजाब का कैप्टन हमारा कैप्टन नाम से एक फेसबुक कैंपेन शुरू किया है। इस फेसबुक कैंपेन में पूर्व मंत्री और कांग्रेस के विधायक राणा गुरजीत सिंह के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस के विधायक कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में खड़े हो रहे हैं।

पंजाब के पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर विजय इंदर सिंगला ने सिद्धू के "कौन है कैप्टन" के बयान पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा है कि सूबे में पंजाब सरकार के मुखिया और कांग्रेस के मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह ही है और नवजोत सिंह सिद्धू के बयान से ना सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बल्कि पंजाब के लोगों को भी निराशा हुई है, क्योंकि पंजाब के लोगों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस को बहुमत दिया और पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनवाई है। 

सिंगला ने कहा कि पंजाब में हमारे लीडर कैप्टन अमरिंदर सिंह है और पूरे देश में कांग्रेस की कमान युवा नेता राहुल गांधी के हाथ में है ऐसे में नवजोत सिंह सिद्धू को अपने बयान पर खेद जताना चाहिए और कैप्टन अमरिंदर सिंह जिन्हें वो कई बार पब्लिक मंच से अपने पिता समान बता चुके हैं, उन कैप्टन अमरिंदर सिंह से बिना शर्त तुरंत ही अपने बयान को लेकर माफी मांग लेनी चाहिए और नवजोत सिंह सिद्धू को याद रखना चाहिए कि वो प्रदेश के एक मंत्री हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के और कांग्रेस के पंजाब के लीडर हैं। बता दें कि शुक्रवार को सिद्धू ने कहा था कि राहुल गांधी उनके 'कैप्टन' हैं. इसे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर तंज कसने के तौर पर देखा जा रहा था।