सिद्धू के अंग्रेजी सिखाने के विज्ञापन पर सवाल

नई दिल्ली ( 3 अगस्त ): कैबिनेट मंत्री रहते हुए कॉमेडी शो में नवजोत सिंह सिद्धू के शामिल होने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान बुधवार को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में कुछ दस्तावेज पेश किए। इनमें नवजोत सिंह सिद्धू एक अंग्रेजी सिखाने वाली मशीन का विज्ञापन कर रहे हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि इस तरह के विज्ञापन उनके पद की गरिमा के खिलाफ हैं। हाईकोर्ट ने पेश किए दस्तावेज को रिकॉर्ड पर रखने के बाद मामले की सुनवाई 10 अक्टूबर तक स्थगित कर दी। इस मामले में पिछली सुनवाई पर एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने याचिका को आधारहीन मानते हुए इसे खारिज करने की मांग की थी। उन्होंने सिद्ध का बचाव करते हुए कहा था कि सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री रहते कॉमेडी शो में शामिल होने व विज्ञापन करने से किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।

एजी ने कहा था कि एक मंत्री को सरकारी कर्मी नहीं माना जा सकता, जिस पर सर्विस रूल्स लागू हों। मंत्री सरकारी कार्यालय तो संभालता है, लेकिन सरकारी कर्मी नहीं हैं। ऐसे में जिन सर्विस रूल्स की बात की जा रही है, वे मंत्री पर लागू नहीं होते।

क्या है मामला एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि सिद्धू को सरकार ने स्थानीय निकाय और संस्कृति कार्य मंत्री के पद पर नियुक्त किया है। उनका मंत्री रहते हुए कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में शामिल होना सही नहीं है। इसके अलावा वो एक अंग्रेजी सिखाने वाले विज्ञापन में भी काम कर रहे हैं। यह एक तरह से हितों के टकराव का मामला है। लिहाजा सिद्धू के कॉमेडी शो में शामिल होने पर रोक लगाई जाए या उनको मंत्री पद से हटाया जाए।