नोटबंदी के बीच नटवरलालों की चांदी,'राम-सीता' ने लगाया 60 लाख चूना

नई दिल्ली (18 नवंबर): नोटबंदी के बाद देशभर में 500 और 1000 के नोट को बदलवाने के लिए देशभर के बैंक और पोस्ट ऑफिस के बाहर लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। नोट जमा करवाने और बदलने के लिए लोगों में अफरातफरी मची हुई है। इन सबके बीच छोटे-बड़े नटवरलाल भी सक्रिय हो गए हैं। ये बैंकों में अपनी जुगाड़ का झांसा देकर लोगों से ठगी करने में जुट गए है। ऐसा ही मामला दिल्ली के रूप नगर इलाके में सामने आया है। यहां नोट बंद होने से मचे घमासान के बीच दो लोग 60 लाख की मोटी रकम लेकर उड़न छू हो गए। बताया जा रहा है कि आरोपी रामलीला में राम और सीता की भूमिका निभाने हैं। इन 60 लाख रुपयों में सिर्फ 500 और 1000 के नोट थे। आरोप है कि सेटिंग के जरिए बैंक में जमा करवाने का झांसा देकर यह रकम हड़पी गई।

पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चुरायी गई रकम कहीं कालाधन तो नहीं थी। पुलिस अफसरों के मुताबिक, सीनियर सिटीजन संतोष भारद्वाज परिवार के साथ राणा प्रताप बाग में रहती हैं। वह नेताजी सुभाष प्लेस की श्री केशव रामलीला कमिटी, पीतमपुरा में सलाहकार हैं। हर साल रामलीला का कार्यभार संतोष ही संभालती हैं।

संतोष के पिछले कई सालों से रामलीला में राम और सीता का रोल कर रहे पवन और शिखा से अच्छे ताल्लुकात हैं। 500 और 1000 के नोट बैन होने की खबर से संतोष उदास थीं। उन्होंने पवन को फोन पर बताया कि उनकी स्वर्गवासी मां ने अपना काफी पैसा उन्हें दिया था और उन्होंने खुद भी काफी पैसा जमा कर रखा है। पवन ने घर पर आकर सारी बात करने की बात कही। 10 नवंबर को पवन उनके घर आया। संतोष ने उन्हें बताया कि उनके पास कुल 20 लाख रुपये कैश हैं। आरोप है कि पवन ने शिखा को भी सारी बात बताई। दोनों ने संतोष को भरोसा दिलाया कि ‘राम-सीता’ का रोल करने की वजह से उनके बैंक अफसरों से काफी अच्छे संबंध हैं और सेटिंग कर सारा पैसा अकाउंट में जमा करा देंगे।


इसके बाद संतोष ने दो अन्य लोगों से भी बात की। इनमें एक ने 30 लाख रुपये, जबकि दूसरे ने 10 लाख जमा कराने की इच्छा जाहिर की। 500 और 1000 के नोट वाले कुल 60 लाख रुपये जमा इकट्ठा हो गए। पवन और शिखा ने अभय नाम के एक और शख्स को भी इस काम में शामिल कर लिया। 11 तारीख को नागिया पार्क में शिखा की कार में नोटों की गिनती शुरू हुई। 60 लाख रुपये लेकर पवन, शिखा और अभय चले गए। जिनके पैसे हैं, उनके अकाउंट में पहुंचते ही ऑनलाइन जानकारी मिलने की बात कही गई थी।

लेकिन जब 13 तारीख की सुबह तक रकम देने वालों ने चेक किया तो उसमें से किसी के नाम कोई रकम नहीं आई थी। शिखा को फोन किया गया तो पता चला कि अभय उनकी कार समेत 60 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। खबर सुनकर संतोष के होश उड़ गए। आरोपियों से बातचीत की लगातार फोन रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। आरोप है कि तीनों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने रूप नगर थाने में शिकायत दर्ज करवायी। पुलिस ने फिलहाल केस दर्ज कर लिया है।