भारत में F-16 जेट विमानों के उत्पादन पर दोबारा विचार करना चाहते हैं ट्रंप

नई दिल्ली ( 9 फरवरी ): एफ-16 लड़ाकू विमान के भारत में उत्पादन की राह में ट्रंप सरकार रोड़ा अटका रही है। अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के तहत भारत में एफ-16 कॉम्बैट जेट के उत्पादन के लिए तैयार है। कंपनी ने ओबामा सरकार के समक्ष इसका प्रस्ताव भी रखा था। कंपनी का कहना है कि ट्रंप प्रशासन इसकी समीक्षा कर सकता है। ओबामा एफ-16 भारत को निर्यात करने के प्रस्ताव पर सहमत थे।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से एफ-16 जेट के ऑर्डर कम होने की वजह से कंपनी अब अपने टेक्सास स्थित प्लांट में जॉइंट स्ट्राइक फाइटर एफ-35 का प्रॉडक्शन शुरू करना चाहती है, जिसकी अमेरिकी एयरफोर्स को जरूरत है। दूसरी तरफ कंपनी एफ-16 जेट के प्रोडक्शन को भारत स्थानांतरित करना चाहती है। भारत सरकार ने कंपनी को इस कई सौ जेट विमानों के ऑर्डर देने पर सहमति जताई है। भारतीय एयरफोर्स को इन जेट विमानों की खासी जरूरत बताई।

ट्रंप उन कंपनियों की शुरू से आलोचना करते रहे हैं, जो अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट अमेरिका से बाहर ले जा रही हैं और बाद में अमेरिका को ही प्रोडक्ट्स बेचती हैं। अपना कार्यकाल संभालने के शुरुआती सप्ताहों में ही डोनल्ड ट्रंप ने ऑटोमेकर्स से लेकर फार्मास्युटिकल्स कंपनियों तक को अमेरिकी में ही उत्पादन करने को कहा है। हालांकि लॉकहीड मार्टिन भारत में एफ-16 जेट उत्पादन करेगी, लेकिन उसकी अमेरिका में इन्हें बेचने की कोई योजना नहीं है।

कंपनी का कहना है कि वह भारत में यूनिट स्थापित करने की अपनी योजना को लेकर ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी कांग्रेस से बीते कई महीनों से बातचीत कर रही है। खबरों के कंपनी के प्रवक्ता का कहना है, 'हमने ट्रंप प्रशासन को मौजूदा प्रस्ताव के बारे में पूरी जानकारी दी है। भारत सरकार के साथ व्यापक सहयोग और संपर्क स्थापित करने की नीति के तहत ओबामा प्रशासन ने इस डील पर मुहर लगाई थी।'

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'हम समझते हैं कि ट्रंप प्रशासन ऐसे कई प्रस्तावों पर दोबारा विचार करना चाहता है। हम इस बात के लिए तैयार हैं कि कोई भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव अमेरिकी सरकार की नीतियों को अनुरूप ही रहे।