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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सुलगा पूर्वोत्तर, असम में दो लोगों की मौत

देश में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendent Bill) पारित होने के बाद से ही पूर्वोत्तर (Northeast) के हालात खराब होते जा रहे हैं। नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendent Bill) के विरोध में लोग जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

Asam, असम

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(12 दिसंबर): देश में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendent Bill) पारित होने के बाद से ही पूर्वोत्तर (Northeast) के हालात खराब होते जा रहे हैं। नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendent Bill) के विरोध में लोग जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं असम (Asam) के गुवाहटी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में घायल हुए दो लोगों की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति को ‘‘मृत लाया गया’’ था जबकि एक अन्य की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारी हालांकि मृत लोगों के नाम नहीं बता सके। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान नहीं हो सकी है। नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम में हजारों की संख्या में लोग कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आये। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें भी हुई। इसके अलावा उत्तर पूर्व के राज्य मेघालय में मोबाइल इंटरनेट और संदेश भेजने की सेवा को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। इसकी जानकारी राज्य के गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

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असम में विवादास्पद नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होने के बीच हजारों की संख्या में लोगों ने बृहस्पतिवार को गुवाहाटी में कर्फ्यू का उल्लंघन किया और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। सेना की टुकड़ियां शहर में फ्लैग मार्च कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस को लालुंग गांव में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां भी चलानी पड़ीं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उनपर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस घटना में चार लोग घायल हो गए। 

हालांकि इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। गुवाहाटी एक छावनी में तब्दील हो गया है क्योंकि यहां प्रत्येक नुक्कड़ और चौराहे पर सेना, अर्द्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के जवान तैनात हैं। वहीं, इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 

असमिया और अंग्रेजी भाषा में किये कई ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से और केंद्र सरकार ‘‘धारा छह की भावना के अनुसार लोगों को राजनीतिक, भाषाई, सांस्‍कृतिक और भूमि अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। असम समझौते की धारा छह स्थानीय अधिकारों, भाषा और संस्कृति की सुरक्षा की गारंटी देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ‘‘मैं असम के अपने भाइयों और बहनों को आश्वासन देना चाहता हूं कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने कहा, कोई उनके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और खूबसूरत संस्कृति को छीन नहीं सकता।


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