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कल्कि नहीं कुबेर निकला विजय कुमार, एंट्री से लेकर दर्शन तक की फीस तय

खुद को भगवान् विष्णु का 10 वां कल्कि अवतार बताने वाले कथित धर्मगुरु विजय कुमार नायडू के 40 ठिकानों पर छापे में 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और 500 करोड़ रूपये से

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(22 अक्टूबर): खुद को भगवान विष्णु का 10 वां कल्कि अवतार बताने वाले कथित धर्मगुरु विजय कुमार नायडू के 40 ठिकानों पर छापे में 500 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और 500 करोड़ रूपये से ज्यादा मूल्य के दस्तावेज जब्त होना कई सवाल खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल तो यह की आध्यात्म के नाम इसने ऐसा कौनसा चमत्कार दिखा दिया की यह इतने बड़े धन साम्राज्य का धन का कुबेर बन गया। कैसे इसने रियल एस्टेट से लेकर रेस्टोरेंट्स तक में आश्रम के भक्तों के चढ़ावे का पैसा लगा दिया और क्यों आन्ध्र प्रदेश हाईकोर्ट के 2010 के आदेशों के बावजूद क्यों आज तक इसके खिलाफ कोई भी बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। 

चार राज्य, आयकर विभाग की 10 टीम,  400 अधिकारीयों की 10 स्पेशल टीम निशाने पर एक के बाद एक 40 ठिकाने और लगभग 35 पुलिस थाना इलाकों के 250 से भी ज्यादा पुलिस के जवान और अधिकारी सरकारी विभागों के इतने सारे लोगों जब एक साथ एक वक़्त पर किसी शख्स के ठिकाने पर दबिश देने पहुंच जाए तो समझना मुश्किल नहीं है की मामला कितना संगीन होगा। ऐसा ही कुछ हुआ कलयुग के स्वघोषित कल्कि अवतार यानी विजय कुमार नायडू के आश्रम और ठिकानों पर हुए SIT विभाग की रेड के दौरान।जांच में अब तक 20 करोड़ रुपये के अमेरिकी डॉलर, बक्सों में भरे 44 करोड़ रुपये नकद, 90 किलो सोने के जेवरात जब्त किए, 409 करोड़ की कैश रशीदें सहित कुल 500 करोड़ की चल अचल संपत्ति के प्रत्यक्ष प्रमाण मिल चुके हैं। 

लगभग 500 करोड़ रूपये के ही देश-विदेश में शेम कंपनियां और बेनामी नाम से रियल एस्टेट का व्यापार के शुरुआती सबूत भी सामने आये हैं। ऐसे में सबके जेहन में सवाल उठाना लाज़मी है की आखिरकार करीब 35 साल पहले एक इंश्योरेंस कंपनी में मामूली से क्लर्क से अपना जीवन शुरू करने वाला कोई शक्श किस तरह इतना बड़ा कुबेर का समरजी खड़ा कर सकता है। इसकी पड़ताल की गयी तो इससे जुड़े चौकाने वाले राज भी अब सामने आने लगे हैं। पिछले 5 साल में खुद को कल्कि का अवतार बताने वाले विजय शंकर ने अपने आश्रमों और संस्थानों के नाम लगातार बदलना शुरू कर दिया था। आयकर विभाग के दस्तावेजों में भी उसके ट्रस्ट को मिलने वाले लोगों से चंदे का तो उल्लेख था, लेकिन आश्रम की ओर से उसे कहाँ खर्चा आया निवेश किया गया इसकी कोई जानकारी नहीं थी।

ऐसे में नाम बदलने के इस खेल का राज खोलने के लिए ही एक के बाद एक ताबड़तोड़ 40 ठिकानों पर एक साथ छापे की इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। दरअसल पहले आंध्र प्रदेश के चित्तूर में एक प्राईवेट स्कुल खोलकर उसे अचानक उसी अंदाज़ में बंद करके चले जाने और उसके बाद आध्यात्म की दुनिया में आने वाले विजय कुमार के शातिर दांव इस कदर चल निकले की पिछले 16 साल से उसके आश्रम में "एंट्री" से लेकर "एक्सिट" यानी बाहर निकलने तक के लिए भक्तों से फीस चुकानी पड़ती थी।

कल्कि ट्रस्टों और कंपनियों के समूह हर साल वेलनेस कोर्स  के साथ विभिन्न आवासीय परिसरों में दर्शन, आध्यात्मिकता आदि के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते हैं। 

पाठ्यक्रम में विदेश के NRI's और लोगों को आकर्षित करने पर ख़ास धयान दिया जाता है. जिसके चलते इनके विदेशी मुद्रा का भण्डार लगातार बढ़ता ही गया. मामला तब इनके खिलाफ सामने आया जब आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में जमीन-जायदाद के बड़े हिस्से में निवेश करने के नाम पर वसूली गयी रकम की रसीदोंमें इन्होने हेराफेरी करके पिछले 3 सालों से इनकम टेक्स को जानकारी देना ही बंद कर दिया। 

सामान्य दर्शन के लिए भक्तों को 5 हज़ार रूपये देने पड़ते है जबकि विशेष दर्शनों के लिए यह चंदे की राशि 25 हज़ार रूपये तक होती थी, इसके अलावा यदि कोई कल्कि भगवान बन बैठे विजय कुमार से 5-10 मिनट मिलकर बात करना चाहता तो उसकी फीस 50 हज़ार रूपये से लेकर लाखों तक होती। यह सारी रकम गांवों और आध्यात्म के विकास के नाम पर भक्तों को देनी पड़ती तो कभी किसी को इसकी हकीकत को लेकर कोई शक भी नहीं हुआ।70 साल के कल्कि महाराज का साम्राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु से लेकर विदेशों तक फैला है जिसे उसने उसकी पत्नी और उसका बेटा एनकेवी कृष्णा के जरिये अपने आध्यात्म का साम्राज्य का विस्तार कर रखा है।

शायद सुनकर चौंक जायेंगे की ना तो विजय कुमार नायडू उर्फ़ कल्कि भगवान् ना तो कभी मंत्री था ना ही सांसद था, ना ही विधायक बावजूद इसके AK-47 थामे इसकी सुरक्षा में कम से कम25 जवान चौबीसों घंटे जवान तैनात रहते थे, कहा जाता है की जनता पर अपने रसुक का धौस जमाने के लिए यह शक्श हर महीने अपनी सुरक्षा पर 25 लाख रूपये तक खर्च कर देता था, सूत्रों के अनुसार इसके आश्रम में कल्कि महाराज के पर्सनल बड़े में बाहर आने जाने के लिए रॉल्स-रॉयस फैंटम, Mercedes- और बेंटले बेंटायगा सहित 9 महँगी कारें शामिल है. ऐसे में अंदाज़ा लगाया जाना मुश्किल नहीं है की इसके खर्चे किस कदर बड़े होंगे और उनके लिए कहाँ से और कैसे धन आता होगा।

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