बंगाल में हाथी भी है सरकारी कर्मचारी

नई दिल्ली (2 अगस्त): आपको यह सुनकर भले अचरज हो लेकिन पश्चिम बंगाल में वन विभाग के लिए काम करने वाले प्रशिक्षित कुंकी हाथी भी सरकारी कर्मचारियों की श्रेणी में शामिल है। इन हाथियों को वन विभाग कई अहम जिम्मेदारियां सौंपता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये हाथी जंगल में घूम-घूमकर वहां की गतिविधियों पर नजर रखने के अलावा आपातकालीन स्थितियों में दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर राहत सामग्री भी पहुंचाने का काम करता है। 

इसके अलावा इन हाथियों को जंगल सफारी के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि जंगली हाथियों पर काबू करने के लिए भी विभाग इन कुंकी हाथियों की मदद लेता है। बताया जाता है कि इन हाथियों के रिटायरमेंट की उम्र 70 साल तय है। 

नियम के मुताबिक, 70 साल का होने पर कुंकी हाथी से कोई काम नहीं लिया जाता। रिटायरमेंट के बाद इनके देखभाल की पूरी जिम्मेदारी वन विभाग उठाता है। बाकी कर्मचारियों की ही तरह इन कुंकी हाथियों की भी बकायदा सर्विस बुक होती है। इसमें नौकरी के दौरान उसके प्रदर्शन का पूरा लेखा-जोखा होता है। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि, उत्तर व दक्षिण बंगाल में विभाग के लिए काम करनेवाले इन कुंकी हाथियों की अभी कुल संख्या 156 है। 

इनमें से 70 रिटायर हो चुके हैं। हालांकि प्रशिक्षित हाथियों की संख्या कम होने के कारण वन विभाग अभी भी उनसे काम ले रहा है। इसको लेकर अधिकारियों के भीतर इस बात का डर है कि इसके लिए कहीं उन्हें जानवरों पर क्रूरता का दोषी ठहराया जा सकता है। ऐसे में अब वन विभाग जंगली हाथियों को प्रशिक्षण देने के प्रयास में जुटा है ताकि रिटायर हो चुके कुंकी हाथी आराम कर सकें। 

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, हम 8 साल से कम उम्र के जंगली हाथियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसके लिए जंगली हाथियों को पकड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि, इस आमतौर पर अपने काम के लिए ऐसे हाथियों को चुनते हैं जो अपना झुंड छोड़कर चले आए होते हैं।

सिंघल हांथियों को हम चिन्हित कर हम उसे पकड़ने के प्रयास कर रहे है जिसके लिए हमारे वन कर्मी ड्रोन कैमरे की मदद ले रहे है। हम हाँथियो को पकड़ कर उन्हें प्रशिक्षित करेंगे और उनसे विभिन्न तरह के सरकारी कामो में उपयोग करेंगे। शुभंकर सेनगुप्ता, वन अधिकारी