जनता पर पड़ेगी महंगाई की मार, 8 फीसदी बढ़ सकते हैं गैस के दाम

नई दिल्ली ( 20 फरवरी ): 1 अप्रैल से नेचुरल गैस की कीमतों बढ़ोत्तरी की जा सकती है। यह बढ़ोत्तरी 8 फीसदी तक की जा सकती है। माना जा रहा है कि अन्तरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने के बाद ये फैसला लिया जा सकता है। हालांकि गैस की कीमतें यूएस हेनरी हब बेंचमार्क से तय होती है। पावर, फर्टिलाइजर, पेट्रोकेमिकल्स और गाड़ियों के लिए सीएनजी के तौर पर इस्तेमाल होने वाली नेचुरल गैस की कीमतें बढ़कर 2.7 डॉलर  एमएमबीटीयू यूनिट हो सकती है, जो अभी 2.5 एमएमबीटीयू है। 

आपको बता दें कि पिछले दो सालों में पहली बार गैस के दाम में बढ़ोतरी होंगी और यह अगले फाइनेंशियल ईयर 2017-18  दूसरी छमाही में रेट्स बढ़कर 3.1 एमएमबीटीयू तक पहुंच सकती हैं।

2014 में गैस प्राइसिंग का जो फॉर्मूला सरकार ने तय किया था, उसमें कहा गया था कि साल में दो बार डोमेस्टिक गैस की कीमत में बदलाव होगा।

पहली बार यह अप्रैल और दूसरी बार अक्टूबर की पहली तारीख को होगा।

इसके लिए अमेरिका के हेनरी हब, ब्रिटेन के नेशनल बैलेंसिंग प्वाइंट, अलबर्टा (कनाडा) और रूस में गैस की कीमत को आधार बनाया जाएगा।

इस फॉर्मूले में कहा गया था कि इंटरनेशनल मार्केट में गैस की जो कीमत होगी, वह एक तिमाही बाद भारत में लागू की जाएगी।

इसलिए इस साल 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच गैस की जो कीमत तय की जाएगी, उसका आधार 1 जनवरी, 2016 से 31 दिसंबर 2016 के बीच ए‌वरेज प्राइस होगा।