दिल्ली की हवा हुई जहरीली, केंद्र ने कहा - यह 'आपात स्थिति'

नई दिल्ली ( 5 नवंबर ) : केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि खतरनाक प्रदूषण स्तर के चलते दिल्ली एक 'आपात स्थिति' का सामना कर रही है। केंद्र ने किसानों द्वारा खूंटी जलाने पर अंकुश के लिए सभी पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की सोमवार को एक बैठक बुलाई है। 

शनिवार को दिल्ली में प्रदुषण की स्थिति 

राष्ट्रीय राजधानी में कई जगहों पर प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा से 17 गुना अधिक होने से शहर पर धुंध की एक काली चादर छा गई है। प्रदूषण का स्तर दिवाली के बाद के स्तरों को भी लांघ गया, जबकि दृश्यता का स्तर पूरे शहर में घटकर करीब 200 मीटर रह गया। निगरानी एजेंसियों ने गंभीर गुणवत्ता की वायु दर्ज की और लोगों को बाहर जाने से परहेज करने की सलाह दी। केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह धुंध पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में खेतों में खूंट जलाए जाने की वजह से बनी है। बाद में उन्होंने केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल दवे के आवास पर एक बैठक में उनके समक्ष इस मुद्दे को उठाया।

जहां श्वसन प्रदूषण पीएम 2.5 और पीएम 10 का चौबीस घंटे का औसत क्रमश: 355 और 482 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, मौके पर लिए गए आंकड़े भयावह रहे। उदाहरण के तौर पर आनंद विहार में दो बजे पीएम 10 का स्तर 1,711 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया जो सुरक्षित सीमा से करीब 17 गुना अधिक है। इन अति सूक्ष्म कणों की सुरक्षित सीमा क्रमश: 60 और 100 है। एनओ2 जैसी गैसीय प्रदूषकों के मौके पर लिए गए आंकड़ों के मुताबिक यह मानव श्वसन के लिए निर्धारित मानकों से कहीं अधिक रहे।