पाक के ग्वादर बंदरगाह पर तैनात होंगे चीनी नौसेना के जहाज, जवाब के लिए भारत ने शुरू की तैयारी

हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियां तैनात, जवाब के लिए भारत ने शुरू की तैयारी

नई दिल्ली (2 दिसंबर): हिंद महासागर में समुद्री डकैती रोकने के नाम पर चीनी पनडुब्बियों का मूवमेंट अजीब है। यह सुरक्षा की दृष्टि से एक खतरा हो सकता है। इसे इसी रूप में देखना चाहिए। नौसेना प्रमुख सुनील लांबा ने यह बात कही है।

नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा का कहना है कि भविष्य में पाकिस्तान के बंदरगाह शहर बलूचिस्तान में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के नौसेना जहाजों की उपस्थिति चिंता का मामला होगी। एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'भविष्य में यदि पीएलए नौसेना के जहाज ग्वादर में होंगे, तो यह चिंता का विषय होगा, हमें इस चिंता को कम करने के तरीकों के बारे में सोचना होगा।'

नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने आज कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा संपन्न हमलावर पनडुब्बियों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के सामने भारतीय नौसेना की हमलावर क्षमताओं में महत्वपूर्ण बढोत्तरी होगी। नौसेना प्रमुख ने कहा कि यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह खास परियोजना है।

उन्होंने बताया, 'अगस्त के महीने में अनोखी स्थिति थी, क्योंकि इस क्षेत्र में 14 जहाज़ थे।' भारतीय नौसेना वहां भी तैनात पीएलए पनडुब्बियों की निगरानी करती है। पीएलए नौसेना ने 2013 में इन पनडुब्बियों की तैनाती शुरू कर दी थी। यहां दो पनडुब्बियां तैनात हैं, जो हर तीन म‍हीने में बदलती हैं। इस पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हम उनकी तैनाती की निगरानी करते हैं। हर 24 घंटे या 48 घंटे में इनकी निगरानी के लिए एक विमान जाता है।