सभी प्राइवेट स्कूलों में भी राष्ट्रगान गाया जाना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

चेन्नई (5 मार्च): मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि तमिलनाडु के सभी प्राइवेट स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली के दौरान राष्ट्रगान जरूर गाना चाहिए।   'इकॉनॉमिक्स टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने एक याचिका पर आदेश देते हुए ऐसा कहा है। इस याचिका में स्कूलों में राष्ट्रगान गाने को अनिवार्य करने की मांग की गई थी।

बेंच ने याचिका पर कहा, "प्राइवेट स्कूलों को राष्ट्रगान गाने को अपने करिकुलम में जरूर शामिल करना चाहिए।" याचिका पूर्व सर्विस-मैन एन सेलवतीरुमल ने दायर की थी। जिसमें अधिकारियों को सभी प्राइवेट स्कूलों में असेंम्बली मे राष्ट्रगान गाने को अनिवार्य करने के लिए आदेश देने की मांग की थी। 

बेंच ने भारतीय गणराज्य के अथॉरिटीज़ की राय शामिल करते हुए यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें राष्ट्रगान गाने की बात कही गई है। बेंच ने केंद्र और राज्य के डिपार्टमेंट ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन और केंद्रीय मानव संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं। कि वे यह पुष्टि करने के लिए कदम उठाएं कि राज्य के सभी प्राइवेट स्कूलों में राष्ट्रगान गाया गया कि नहीं।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि राष्ट्रगान तमिलनाडु के कई प्राइवेट स्कूलों में नहीं गाया जाता। जबकि, यह केंद्र सरकार के स्कूलों में गाया जाता है, जिनमें केंद्रीय विद्यालय और राज्य सरकार के स्कूल शामिल हैं। जो मॉर्निंग असेंम्बली मे राष्ट्रगान गाते हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि एक नागरिक को अपने राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज की पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा, "एक आरटीआई के जबाब में मुझे बताया गया, भारत सरकार ने सभी स्कूलों के लिए एक एडवायजरी जारी की। जिसमें कहा गया कि दिन की शुरुआत राष्ट्रगान के गाने के साथ होनी चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए प्रचार-प्रसार के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाने चाहिए।"