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ट्रक ड्राइवर की हत्या के बाद कश्मीर में एसएमएस सेवा पर फिर लगी रोक

जम्मू-कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल सेवा की शुरुआत के चंद घंटे बाद ही SMS पर पाबंदी लगा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि एहतियात के तौर पर सोमवार शाम 5 बजे से

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(15 अक्टूबर): आर्टिकल 370 हटने और विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद कश्मीर में संचार सेवाए बंद कर दी गई थी। राज्य में सबकुछ सामान्य होता देख के मोबाइल सेवा शुरु करने का फैसला लिया है, लेकिन पोस्टपेड मोबाइल सेवा आरंभ होने के कुछ ही घंटे बाद एसएमएस पर रोक लगा दी गई है।अधिकारियों का कहना है कि एहतियात के तौर पर सोमवार शाम 5 बजे से एसएमएस सेवाओं को रोकने का फैसला किया गया है। दरअसल, सोमवार को दो आतंकियों ने राजस्थान के ट्रक ड्राइवर की हत्या कर दी थी। इसके बाद रात करीब 8 बजे शोपियां जिले में बाग मालिक की हत्या कर दी थी।

14 अक्टूबर को 72 दिनों के बाद कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल सेवाओं की शुरुआत की गई थी। हालांकि लोगों को इंटरनेट इस्तेमाल करने की सुविधा नहीं थी। मोबाइल सेवाओं से बैन हटते ही आतंकी हिंसक गतिविधियों पर उतारू हो गए। बता दें सोमवार को एक पाकिस्तानी आतंकी और एक स्थानीय आतंकी ने राजस्थान के एक ड्राइवर को गोलीमार दी, इसके अलावा आतंकियों ने शोपियां में सेब बगान के मालिक की पिटाई कर दी। पुलिस ने कहा कि बगान मालिक की पहचान शरीफ खान के रूप में हुई है। कश्मीर से सेबों की ढुलाई शुरू होने से आतंकी झल्लाए हुए थे और उन्होंने श्रीमल गांव में घटना को अंजाम दिया।

जम्मू-कश्मीर में 40 लाख मोबाइल फोन

पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाओं को शुरू करने से घाटी में 40 लाख फोन की घंटियां घनघना उठी है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग फोन कंपनियों के दफ्तर में अपना बकाया भुगतान करने के लिए लाइन में खड़े नजर आए। कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं न होने की वजह से वहां बिल भुगतान का एकमात्र जरिया नगद पैसा देना ही है। जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त से मोबाइल सेवाएं ठप है, 72 दिनों से बिल भुगतान न करने की वजह से टेलिकॉम कंपनियों ने कई लोगों का मोबाइल कनेक्शन काट दिया था।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में लैंडलाइन फोन सेवाएं पिछले महीने ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन इंटरनेट सभी प्लेटफॉर्म पर बंद है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को लोगों को भरोसा दिया था कि जल्द ही इंटरनेट सेवाएं भी शुरू कर दी जाएगी। हांलाकि सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में 2 महीने तक लग सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्री-पेड उपभोक्ताओं का मोबाइल फोन शुरू करने पर अगले महीने फैसला लिया जा सकता है।

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