नसीमुद्दीन सिद्दीकी का आरोप, 'मायवती के कारण मरी मेरी बेटी'

लखनऊ (10 मई): बहुजन समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी सुप्रीमो मायावती पर बड़ा हमला किया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने चिट्ठी जारी कर आरोप लगाया कि मायवती के कारण उनके इकलौती बेटी की मौत हो गई। सिद्दीकी ने चिट्ठी में लिखा है कि 1996 के विधानसभा चुनाव के दौरान वो चुनाव प्रभारी थे और मायावती उन्हें उनकी बीमार बेटी से मिलने से इसलिए 'रोक दिया गया' क्योंकि उनको डर था कि अगर वह चले गए तो मायावती चुनाव हार जाएंगी।


सिद्दीकी ने चिट्टी में लिखा है कि मेरी इकलौती पुत्री बांदा में गंभीर रूप से बीमार हुई। मेरी पत्नी ने कहा कि तुम आ जाओ, बेटी आखिरी सांसें ले रही है। मैंने मायावती जी से फोन पर अपनी पुत्री को देखने जाने की अनुमति चाही तो उन्होंने कहा कि चुनाव फंसा हुआ है, तुम ही मेरे इलेक्शन एजेंट और प्रभारी हो। तुम्हारे जाने का मतलब मेरा चुनाव हारना है अर्थात मुझे मेरी पुत्री को देखने के लिए अथवा इलाज कराने के लिए सुश्री मायावती जी ने अपने निजी स्वार्थवश मना कर दिया। मैंने उनका आदेश माना और नहीं गया। नतीजा यह हुआ कि चुनाव के दौरान मेरी सबसे बड़ी संतान ने इलाज के अभाव में बांदा में दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं बेटी की मौत के बाद भी मायावती के निर्देश के तहत वह अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में भी नहीं गए।


चिट्ठी में सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी ने उनकी कुर्बानियों का परिणाम उनके निष्कासन के रूप में दिया है। सिद्दीकी ने आगे आरोप लगाया कि साल 2009 के लोकसभा चुनाव, 2012 के विधानसभा चुनाव, 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में मायावती की गलत नीतियों की वजह से पार्टी को असफलता मिली, लेकिन इसका ठीकरा उन्होंने मुसलमानों पर झूठे और गलत आरोप लगाकर फोड़ दिया।


साथ ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने चिट्ठी में पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए मायावती पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सिद्दीकी ने दावा किया कि जिन आरोपों के आधार पर उन्हें पार्टी से निकाला गया वे झूठे और मनगढ़ंत हैं और वह इन्हीं आरोपों को मायावती और सतीश मिश्रा पर ही प्रमाण के साथ साबित करेंगे।