130 साल में पहली बार पूरी तरह सूख गया नासिक का रामकुंड

नई दिल्ली (8 अप्रैल): सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र में पानी की समस्या अब भयावह रूप में सामने आ रही है। पीने योग्य पानी की कमी तो है ही, लेकिन अब नासिक में गोदावरी नदी के तट पर स्थित पवित्र तीर्थ स्थल रामकुंड 130 सालों में पहली बार पूरी तरह से सूख गया है। यहां कई तरह के धार्मिक कर्मकांडों के लिए तीर्थयात्री आते हैं। शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि ऐसा पानी की भयानक किल्लत के चलते हुए है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, गुडी़ पड़वा के अवसर पर हजारों तीर्थयात्रियों के 8 अप्रैल को यहां जुटने की उम्मीद थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। नासिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के डेप्यूटी मेयर गुरमीत बग्गा ने बताया, "शुक्रवार को गुड़ी पड़वा के अवसर पर यहां डुबकी लगाने के लिए हजारों तीर्थयात्री आते, लेकिन अब वे जुलाई के अंत तक ऐसा नहीं कर पाएंगे।"

सीमेंट से बना रामकुंड अब बच्चों के खेलने का मैदान बन गया है। जो यहां क्रिकेट और बॉलीबॉल खेलते हैं। पुरोहित संघ ने नासिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन अधिकारियों से पानी की व्यवस्था करने के लिए कहा जिससे वे शुक्रवार को आधारभूत धार्मिक कर्मकांडों की पूर्ति कर सकें। डेप्यूटी मेयर का कहना है कि जुलाई के तीसरे हफ्ते तक पानी संरक्षित करने की योजना है। जब तेज बारिश शुरू होती है। पानी की किल्लत से जिले में गर्मियों में पर्यटन और व्यापार को बड़ा नुकसान हो रहा है।