नसीरुद्दीन का बयान से इनकार, कहा- अनुपम पर दिए बयान का गलत मतलब निकाला

नई दिल्ली (28 मई): नसीरुद्दीन शाह ने अपने बयान से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा- अनुपम पर दिए बयान का गलत मतलब निकाला गया। बॉलीवुड के दो दिग्गजों अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह में जुबानी जंग तेज हो गई। इसकी शुरुआत नसीरुद्दीन शाह ने की। नसीरुद्दीन ने अनुपम पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो लोग कभी कश्मीर में नहीं रहे, वो लोग भी अब कश्मीरी पंडितों के लिए लड़ाई शुरू कर दी है। अनुपम खेर ने नसीरुद्दीन का जवाब देते हुए कहा है कि शाह साहब की जय हो। आपके तर्क के मुताबिक तो NRI को भारत के बारे में सोचना ही नहीं चाहिए। हालांकि नसीरुद्दीन ने बयान पर बवाल होने के बाद कहा कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।

अनुपम खेर ने कहा कि पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ था कि नसीर साहब ने ऐसी बात कही होगी लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। नसीरुद्दीन शाह राष्ट्रीय नाट््य विद्यालय के दिनों से मेरे वरिष्ठ रहे है और मैं उनकी काफी इज्जत करता हूं। अगर यह मान भी लिया जाए कि कश्मीर से मेरा कोई संबंध नहीं है तो क्या मैं वहां के लोगों के सवाल नहीं उठा सकता हूं?

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा बयान क्यों और कैसे दिया लेकिन उनके तर्क के मुताबिक तो विदेशों में रहने वाले भारतीयों को भारत के लिए काम करने का हक नहीं है या फिर, दिल्ली में रहने वाला कोई व्यक्ति गुजरात की समस्या पर आवाज नहीं उठा सकता है। नसीर साहब से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती।

शाह ने कहा है कि सरकार के बारे में कोई राय बनाने से पहले देशवासियों को सरकार को कुछ और समय देना चाहिए। हालांकि, कुछ किताबों में हो रहे बदलावों से वह भी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बेवकूफ नहीं है, जो देश को अंधेरों में ढकेल दे।

उन्होंने एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर दुख होता है कि ऐसे लोगों के विवादित बयानों की निंदा भी नहीं की जाती है। जैसा कि जावेद साहब कहते हैं कि वंदे मातरम और भारत माता की जय कहना हर किसी का अपना हक है। मैं यह तभी कहूंगा जब मेरा मन कहेगा, न कि किसी और के कहने पर। किसी को भी देश प्रति मेरे प्यार पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है।