नासा ने 8 ग्रहों के साथ खोजा एक और सोलर सिस्टम

नई दिल्ली(15 दिसंबर): नासा केप्लर स्पेस टेलीस्कोप के जरिए नई खोजों पर आज घोषणा कर सकती है। एजेंसी की ओर से जारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि नासा गूगल के साथ मिलकर एलियन वर्ल्ड की खोज में जुटी है। 

- शोधकर्ताओं ने इस खोज को गूगल की मदद से मशीन लर्निंग के जरिए अंजाम दिया है। मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक हिस्सा है जो केप्लर के डाटा को विश्लेषित करती है।

- नासा ने केप्लर स्पेस टेलीस्कोप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए एक सोलर सिस्टम ढूंढ़ा है, जिसमें हमारे सोलर सिस्टम की तरह ही 8 ग्रह हैं। 

- नासा ने अपने बयान में कहा है कि हमारे सोलर सिस्टम में एक तारे के चारों घूमने वाले सबसे ज्यादा ग्रह हैं। हालांकि पृथ्वी को छोड़कर कोई भी मानव जीवन के अनुकूल नहीं है।

- 8 ग्रहों वाले इस नए सोलर सिस्टम में केप्लर-90 नाम के तारे के चारों ओर अन्य ग्रह घूम रहे हैं। ये सोलर सिस्टम 2,545 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। 

- ऑस्टिन स्थित टेक्सास यूनिवर्सिटी के खगोलशास्त्री एंड्रयू वंडरबर्ग ने कहा कि केप्लर-90 स्टार सिस्टम हमारे सोलर सिस्टम के मिनी वर्जन की तरह है। 

- उन्होंने कहा कि 'हमारे पास छोटे ग्रह अंदर की ओर हैं और बड़े ग्रह बाहर की तरह, लेकिन सब कुछ बहुत करीब है।'

- नए खोज गए सोलर सिस्टम में केप्लर-90i पृथ्वी की तरह एक पथरीला ग्रह है। लेकिन यह अपने आर्बिट में हर 14.4 दिन पर एक बार घूम जाता है। यानी केप्लर-90i पर एक पृथ्वी की तरह एक वर्ष का समय सिर्फ दो हफ्तों का होगा। 

- वंडरबर्ग ने कहा, 'केप्लर-90i उस तरह की जगह नहीं है, जहां मैं जाना चाहूंगा। उसका धरातल बहुत ही ज्यादा गर्म है।'

- नासा ने इस ग्रह के तापमान का आकलन किया है और यह करीब 800 डिग्री फारेनहाइट (426 डिग्री सेल्सियस) है, यह तापमान बुध ग्रह के बराबर है, जोकि सूर्य के बेहद करीब है।