अंतरिक्ष में 115 दिन रहने के बाद धरती पर लौंटी केट रुबिन

नई दिल्ली ( 31 अक्टूबर ) : अंतरिक्ष में 115 दिन रहने के बाद नासा के 49 एक्सपेडिशन का हिस्सा बनीं केट रुबिना अपने अन्य दोनों साथियों के साथ आज धरती पर सकुशल वापस आ गईं। केट रुबिना ऐसी पहली महिला हैं जिन्होंने अंतरिक्ष में डीएनए को लेकर परीक्षण किए। इस दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ इसमें होने वाले परिवर्तनों की भी जांच की। नासा के लिए यह मिशन काफी महत्वपूर्ण था।

नासा से मिली जानकारी के मुताबिक सुयोज यान केट उनके अन्य दो साथी रूस के अनातोली इवानिशिन और जापान के टकुया ओनिशी को लेकर कजाखिस्तान के जेखाजेगन में आज सुबह करीब 9:58 पर पहुंचा। उनकी लैडिंग भी पूरी तरह से परफेक्ट रही। नासा ने इस पूरे मिशन को काफी सफल बताया है। रुबिन ने मॉलीक्यूलर बायोलॉजी में डिग्री हासिल की है। यह पहला मौका था जब वह नासा के मिशन का हिस्सा बनीं।

उनके द्वारा किए गए परीक्षण अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भविष्य में नई राहें खोलने वाले साबित होंगे। साथ ही वहां पर और धरती पर वापस आने के बाद होने वाली बीमारी को सही करने में भी यह परीक्षण काफी सहायक साबित होंगे।

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में 115 दिन बिताने के दौरान उन्होंने दो बार स्पेसवॉक भी किया। पहली बार उन्होंने नासा के एस्ट्रोनट जेफ विलियम्स के साथ मिलकर 19 अगस्त को स्पेसवॉक किया था। इसके बाद सितंबर को फिर इन्हीं दोनों ने ही स्पेसवॉक किया था। इस दौरान इन्होंने आईएसएस पर हाई डेफिनेशन वाले कैमरे भी लगाए थे।