'शनि' के फेरे में पड़ा नासा का कैसिनी, जल कर हुआ राख

वाशिंगटन (15 सितंबर): अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का स्पेस क्राफ्ट कैसिनी का 20 साल की ऐतिहासिक यात्रा खत्म हो गई है। पिछले 13 साल से शनि ग्रह का चक्कर लगा रहे कैसिनी स्पेस क्राफ्ट आग लग गई और वो जल गया। कैसिनी को आज शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन के वायुमंडल में भेजा गया, जहां वह जल कर राख हो गया।

आपको बता दें कि अब तक कोई अंतरिक्ष यान इससे पहले इस ग्रह के इतना करीब नहीं पहुंचा था। मिशन की अंतिम गणनाओं के अनुमान के मुताबिक ग्रह के अनुमानित वायुमंडल से करीब 1,915 किलोमीटर ऊपर की ऊंचाई पर पहुंचने के एक मिनट बाद अंतरिक्ष यान कैसिनी के साथ संपर्क टूट गया। ग्रह के वायुमंडल में गोता लगाने के दौरान यान की गति करीब 113,000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. अमेरिका में 

नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) में कैसिनी प्रोजेक्ट मैनेजर अर्ल मेज के मुताबिक कैसिनी पहले ही अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गया है। हालांकि उसकी यात्रा हकीकत में हमारे लिए खत्म नहीं हुई है क्योंकि हमें अब तक उससे संकेत मिल रहे हैं। कैसिनी से अंतिम संचार ऑस्ट्रेलिया में नासा के डीप स्पेस नेटवर्क कांप्लेक्स में एंटेना को प्राप्त होगा।

आपको बता दें कि कैसिनी को नासा, इएसए और स्पाजियाले इटालिना ने एक साझा प्रोजेक्ट के तहत अंतरिक्ष में भेजा था। इसे 1997 में 15 अक्तूबर को लांच किया गया था और 2004 में 30 जून को इसने शनि की कक्षा में प्रवेश किया था। कैसिनी का मिशन चार साल का तय किया गया था, लेकिन इसके बढ़िया प्रदर्शन को देखते हुए इसका मिशन दो बार बढ़ाया गया।