मोदी के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में लगा अड़ंगा, ये है वजह

नई दिल्ली (2 जून): केंद्र की मोदी सरकार की विशेष योजनाओं में से एक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में वाधा आने की खबर आ रही है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में इस परियोजना को लेकर मु्श्किलें खड़ी होती दिखाई दे रही है। दरअसल, बुलेट परियोजना के जमीन अधिग्रहण के मसले पर स्थानीय समुदायों और जनजातीय लोगों की ओर से जमकर विरोध किया जा रहा है। आपको बता दे कि पालघर जिले के 70 से ज्यादा आदिवासी गांवों के लोगों ने इस परियोजना के लिए जमीन देने से ही इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं इस इलाके से गुजरने वाली महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के भारी विरोध प्रदर्शन की तैयारी चल रही है।मोदी सरकरा के किए गए वादे के मुताबिक देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना पर जनवरी 2019 से काम शुरू होना है और सरकार ने 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए इस साल के अंत तक जमीन अधिग्रहण पूरा करने की डेडलाइन तय की है। मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने वाले इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का करीब 110 किलोमीटर का हिस्सा महाराष्ट्र के पालघर जिले से होकर गुजरता है।रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हमें विरोध झेलना पड़ रहा है। लेकिन हमें उम्मीद है कि इस प्रॉजेक्ट पर काम टाइमलाइन के भीतर ही शुरू हो जाएगा। इतना ही नहीं अधिकारियों का ये भी कहना है कि हम लोगों की जमीन के चल रहे रेट के हिसाब से 5 गुना कीमत देने के लिए तैयार हैं।