मोदी लेंगे अपने मंत्रियों की परीक्षा, 'फेल' होने पर जा सकती है कुर्सी

नई दिल्ली (30 जून): आज प्रधानमंत्री की क्लास में मंत्री परीक्षा देंगे, यानी दो साल उन्होंने मंत्रालय में रहते क्या काम किया इसका रिपोर्ट कांड पेश करेंगे। पीएम मोदी अगर रिपोर्ट कांड से खुश हुए तो मंत्री पद की कुर्सी बची रह जाएगी वरना तीन-चार दिनों के अंदर मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल में मंत्री नप जाएंगे।

कैबिनेट की बैठक का नजारा आज कुछ बदला बदला सा होगा, पीएम मोदी की क्लास में आज मंत्री परीक्षा देंगे। हर मंत्री को अपने काम का ब्योरा पीएम के सामने पेश करना है। वो भी मौखिक नहीं बल्कि दो साल में उन्होंने क्य किया और आगे क्या प्लानिंग है उसपर पहले प्रजेंनटेशन देंगे फिर सेल्फ अप्रेजल पेश करेंगे। अगर मोदी खुश हुए तो कुर्सी को आंच नहीं आएगी वरना मॉनसून सत्र से पहले मोदी मंत्रिमंडल में होने वाले बड़े बदलाव में नप जाएंगे।

दरअसल इस कवायद के पीछे की कहानी कुछ और भी है। मॉनसून सत्र से पहले बीजेपी चाहती है कि जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं वहां से कुछ नये मंत्री को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिले। उत्‍तर प्रदेश और पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं और वहां से नए मंत्री बनाने से पहले प्रधानमंत्री सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस का आकलन करना चाहते हैं।

बुधवार शाम प्रधानमंत्री की अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मुलाकात हुई और बताया जा रहा है कि फेरबदल का फाइनल खाका खींच दिया गया है। अटकलों और कयासों के बीच News 24 को सूत्रों के हवाले से जो खबरें मिल रही हैं। उसके अनुसार इस बार के फेरबदल में विधान सभा चुनाव की तरफ बढ़ रहे यूपी उत्तराखंड पंजाब और हिमाचल से जुड़े जातिगत गुना-गणित का खास ख्याल रखा जाएगा। सर्वानंद सोनोवाल और विजय सांपला जैसे मंत्रियों को नई जिम्मादारियां मिल जाने से बन गई रिक्तियों को भरा जाएगा। कुछ युवा मंत्रियों की पद्दोन्नती होगी और कुछ मंत्री सरकार से बीजेपी में संगठन का काम देखने भेजे जाएंगे।

जो जानकारियों छनकर News24 के पास पहुंच रही है उनके अनुसार Top 4 यानी के राजनाथ, सुषमा मनोहर पार्रिकर और अरुण जेटली की जिम्मेदारियों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। राजस्थान से राज्यमंत्री निहाल चंद को ड्राप किया जा सकता है जबकी पंजाब से नवजोत सिंह सिद्धू सरकार में जगह पा सकते हैं।

यूपी के गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर सांसद राघव लखनपाल के अलावा कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह को मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है। नए चेहरों में यूपी अनुप्रिया पटेल , असम से रमन डेका और मध्य प्रदेश से राकेश सिंह और राजस्थान से कर्नल सोनाराम जाट को  मंत्रीमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। 

पियूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और निर्मला सीतारमन जैसे तीनो स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। बीजेपी में RSS की नुमाईंदगी कर रहे विनय सहस्त्रबुद्धे को मंत्री पद से नवाजा जा सकता है। किरण रिजिजू संजीव बाल्यान, राज्यवर्धन राठौर और मुख्तार अब्बास नकवी जैसे राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर के अलावा कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के मंत्रालय बदले जा सकते हैं। फिलाहल मोदी मंत्रीमंडल में 64 मंत्री हैं और इस लिहाज से 17 और जोड़े जा सकते हैं। इसी सिलसिले में आज राष्ट्रपति भवन के अशोक हाल में मौजूदा मंत्रीमंडल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के बाद मोदी मंत्रीमंडल एक नए रंगरूप और आकार में सामने आएगा।