कांग्रेस मुक्त भारत का विचार मेरा नहीं है, ये तो महात्मा गांधी का था: पीएम मोदी

नई दिल्ली(8 फरवरी): राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण पर पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा में धन्यवाद दिया। दोनों सदनों में करीब 2 घंटे 30 मिनट तक मोदी बोले। लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी कांग्रेस की पहले की सरकारों पर मोदी ने तंज कसे और सवाल उठाए। मोदी ने कहा, "आजादी के बाद गांधी ने कांग्रेस के बिखर जाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अब कांग्रेस की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस मुक्त भारत गांधी का विचार था, हमारा नहीं।"

1) 50 साल सत्ता में रहने के बाद जमीन से कटना स्वाभाविक है

- नरेंद्र मोदी ने कहा- "आपने आयुष्मान योजना की तुलना अमेरिका और ब्रिटेन से की। उनका स्ट्रक्चर अलग है। करीब 50 साल सत्ता में रहने के बाद जमीन से कट जाना बड़ा स्वभाविक है। मैं नहीं मानता कि आपके (गुलाम नबी आजाद) हेल्थ मिनिस्टर रहने के बाद अब बहुत कुछ करने की जरूरत है। मैं सोचता हूं कि अगर इस योजना में कोई कमी है तो मैं इसे दूर करने के लिए आपको समय दूंगा।''

- ''आप जैसी हमारी सोच नहीं है। सदन में हमसे भी विद्वान लोग हैं। हम सब बैठकर देश के 40 करोड़ लोगों के लिए एक अच्छी व्यवस्था शुरू कर सकते हैं क्या?'' एक योजना का विचार प्रस्तुत हुआ है। अच्छे सुझाव आएं। जो मेरी स्पीच सुनते होंगे टीवी पर वे भी अपने सुझाव दें। देश के गरीब के लिए योजनाएं हैं, इसमें कोई दल नहीं होता है।"

2) यहां बैठने वाले को 9 दिखेगा, लेकिन वहां बैठने वाले को 6

-"ये बात सही है कि अगर मैं यहां बैठकर अंग्रेजी में लाइन लिखता हूं तो यहां बैठने वाले को 9 दिखेगा, लेकिन वहां बैठने वाले को 6 दिखेगा। आज इसलिए मैं समझता हूं कि कोई मुझे बताए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होता है तो हमें दुख क्यों होना चाहिए। क्या देश के हर नागरिक को गर्व नहीं होना चाहिए?''

- ''हमने किया, आपने किया.. वो मुद्दा जब चुनाव में जाएंगे तो खेल खेल लेंगे। हम यहां तक चले जाते हैं कि रेटिंग एजेंसी पर ही हमला बोल देते हैं। आपको बीजेपी की जमकर आलोचना करो, मोदी की आलोचना करो, लेकिन बीजेपी की बुराइयां करते-करते आप भारत की बुराई करने लग जाते हैं।"

3) हमें न्यू इंडिया लेकिन आपको पुराना भारत चाहिए

- "जहां तक बीजेपी और मोदी का विरोध करते हैं, राजनीति में ये आपका हक है और आपको करना भी चाहिए। लेकिन, आप मर्यादा लांघ देते हैं, इससे देश को नुकसान होता है। आप कभी ये स्वीकार नहीं कर पाएंगे कि हमारे जैसे लोग यहां बैठे हैं, आप कभी नहीं कर पाएंगे। मैं आपकी पीड़ा समझ सकता हूं।''

- ''एक विषय आया कि राष्ट्रपति जी ने अपने भाषण में न्यू इंडिया की कल्पना की। विवेकानंद, महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति भी ऐसी ही कल्पना करते थे। पता नहीं क्या परेशानी है, आप कहते हैं कि हमें पुराना भारत चाहिए।"

4) आपको कौन सा भारत चाहिए?

-"हमें महात्मा गांधी वाला भारत चाहिए। मुझे भी गांधी वाला भारत चाहिए, क्योंकि गांधी ने कहा था कि आजादी मिल चुकी है और अब कांग्रेस की कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस को बिखर जाना चाहिए। कांग्रेस मुक्त भारत मोदी का नहीं गांधी का विचार है। हम उन पद चिह्नों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। आप कहते हैं कि हमें तो वो वाला भारत चाहिए। क्या सेना पनडुब्बी घोटाले, बोफोर्स घोटाले वाला, हेलिकॉप्टर घोटाले वाला भारत चाहिए?''

- "आपको इमरजेंसी वाला भारत चाहिए? जेपी, मोरारजी को देश में बंद करने वाला भारत चाहिए। लोकतांत्रिक अधिकार छीन लेना, अखबारों को बंद करने वाला भारत चाहिए। बड़ा पैर गिरने के बाद हजारों सिखों का कत्ल आम हो जाए, आपको न्यू इंडिया नहीं चाहिए आपको भारत चाहिए.. वो भारत चाहिए। आपको वो भारत चाहिए जहां रसूखदार लोगों के आगे प्रशासन घुटने टेकता हो। हजारों लोगों की मौत के जिम्मेदार को विमान में बिठाकर देश के बाहर ले जाया जाए, वो भारत चाहिए? दावोस में आप भी गए थे, हम भी गए थे.. लेकिन आप किसी की चिट्ठी लेकर किसी को भेजते हैं.. वो भारत चाहिए? आपको न्यू इंडिया नहीं चाहिए।"

5) हम ऐम चेजर हैं, नेम चेंजर नहीं

- "आपने जनधन योजना की भी आलोचना की। आपने कहा कि ये पहले हुआ था। आप तथ्यों को स्वीकार करें। जो हम 31 करोड़ जनधन अकाउंट की बात करते हैं, वे सारे 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद बने हैं, वो हैं। मैं चाहता हूं कि आप तथ्यों को जरा ठीक कर लें तो अच्छा होगा।''

- ''आपने ये भी कहा कि हम तो नेम चेंजर हैं, गेम चेंजर नहीं। हमारे काम देखेंगे और सच्चाई से कहना होगा तो कहेंगे कि हम तो ऐम चेजर हैं। हम लक्ष्य का पीछा करने वाले लोग हैं और उसे प्राप्त करके रहेंगे। हम लक्ष्य तय करते हैं और उसे वक्त के भीतर प्राप्त करने के लिए रोडमैप तैयार करते हैं।''

6) वाजपेयी सरकार में रखी गई थी आधार की नींव

- "अब आधार की बात आती है तो आप कहते हैं कि काम हमारा और क्रेडिट आप ले रहे हैं। अच्छा है ये। 7 जुलाई 1998 इसी सदन में वेंकैया जी ने सवाल पूछा था। तब गृहमंत्री आडवाणी जी ने जवाब दिया था। कहा था- मल्टीपर्पज नेशनल आइडेंडिटी कार्ड, जिसका इस्तेमाल, पासपोर्ट, राशनकार्ड, स्कूल, जनरल-लाइफ इंश्योरेंस जैसी चीजों के लिए इस्तेमाल होगा। आधार का बीज यहां है। कांग्रेस कहती है कि आधार उसने शुरू किया तो हमें आपको क्रेडिट देने में तकलीफ नहीं है। आधार आपका है। हमनें आगे देश को रखा है। हमारे फैसलों का आधार देशहित रहता है।''

7) आप बर्फ का छूरा बनाकर भोंक दें किसी को पता भी ना चले

- "कालेधन के खिलाफ कार्रवाई करने का क्रेडिट भी कांग्रेस स्वीकार कर ले। कांग्रेस बेनामी संपत्ति लागू नहीं किया था, उसका क्रेडिट भी ले ले। अब तक 3500 करोड़ से ज्यादा बेनामी संपत्ति (आनंद शर्मा जी आपकी बोलने की स्टाइल है विशेष, आप बर्फ का छूरा बना कर भोंक दें किसी को पता भी ना चले।) जब्त की है। क्रेडिट मिलना चाहिए। सारी दुनिया बदली है, सॉल्वेंसी कोड, बैंकरप्सी लॉ। ज्ञान नहीं था ये नहीं मानता, लेकिन क्रेडिट आपको जाना चाहिए।"

8) रेलवे के बजट में घोषणाएं बंद कर दीं हमने

- "बार-बार चुनाव का नतीजा है कि योजना पूरी बनी हो या ना हो, हम पत्थर जड़ देते हैं। हमने रेलवे के बजट में घोषणाएं बंद कर दीं। जब मैंने देखा कि पुरानी सरकारों ने 1500 ऐसी रेलवे योजनाएं घोषित कीं, जिन्हें देखने वाला कोई नहीं था। इस कल्चर से देश का नुकसान हुआ है। मैंने एक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इनिशिएटिव लिया, सारे रुके हुुए प्रोजेक्ट का रिव्यू करने लगा। ऐसे-ऐसे प्रोजेक्ट सामने आए जो 30-40 साल पहले तय हुए, शिलान्यास हुआ और बाद में कागज पर उसकी लकीर भी नहीं थी।"

9) सब जगह पत्थर हैं, नाम हैं... कुछ पत्थर चोरी भी चले गए

- “सरकार में ऐसे नहीं चलता है कि ये काम तो उसके वक्त का है, ताला मारो। 9 लाख करोड़ के ऐसे प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जो सालों से बंद थे। उस वक्त होता तो कुछ हजार करोड़ में होता। सरकार आपने भी चलाई, हम भी चला रहे हैं, लेकिन चीजों को अच्छे ढंग से चलाते तो ठीक होता। सब जगह पत्थर हैं, नाम हैं.. कुछ पत्थर चोरी भी चले गए।''

- ''क्रेडिट सब आपको जाता है। आजाद साहब ने फूड सिक्योरिटी बिल की बात डेट के साथ की। आपने जो डेट दी, हम तो उसके एक साल बाद आए। एक साल में आपने क्या किया। आपने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए पूछा। केरल जहां आपकी सरकार थी, वहां आपने स्वीकार नहीं किया था, एससी ने डंडा मारा था।”

10) सरदार पटेल का जिक्र किया

- “फर्टिलाइजर के कारखाने खोलने के वक्त आपने कहा कि हमारे वक्त हुआ, बंद भी तो आपके वक्त हुआ। उसका भी क्रेडिट लीजिए, जो हजारों लोग बेरोजगार हुए। हमने यूपी-बिहार में यूरिया के कारखाने खोले, गैस पाइपलाइन का काम शुरू किया। ये वो इलाके हैं, जहां से पूर्वी भारत के विकास की संभावनाएं बढ़ती हैं। देश के लिए जरूरी है कि पूर्वी भारत का विकास होना चाहिए। मुझे विश्वास है कि आप एप्रिशिएट करेंगे।''

- ''अमित शाह का भाषण हुआ, आजाद जी ने ये खोजकर निकाला कि आपने इतनी स्पीच दी और सरदार पटेल का नाम नहीं लिया। सरदार पटेल कांग्रेस पार्टी की हर लिट्रेचर में थे। मुझे अच्छा लगा कि बहुत सालों बाद ये दिन भी आया। गुजरात का चुनाव खत्म होते ही, आपके पार्टी के कार्यक्रम में पुराने चित्र देख सकते हैं कि बैकड्रॉप में कहीं सरदार पटेल का चित्र नहीं है। एक हफ्ते बाद कार्यक्रम हुआ और सरदार साहब गायब हैं। बाबा साहेब अंबेडकर और पटेल साहब को भारत रत्न कब मिला, इतना समय बीत गया। जब आप विषय उठाते हैं तो चार उंगलियां खुद की तरफ होती हैं, ये आप ना भूलें।”