पीएम मोदी ने किया स्टैंडअप इंडिया का आगाज

नोएडा (5 अप्रैल): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा के सेक्टर 62 में बाबू जगजीवन राम की जयंती के अवसर पर स्टैंडअप इंडिया का आगाज कर दिया। इस योजना के अंतर्गत एससी, एसटी और महि‍लाओं को आसान शर्तों पर लोन देकर बिजनेस में हेल्प की जाएगी।

योजना के तहत 10 लाख से लेकर 1 करोड़ तक का लोन दिया जाएगा। पीएम ने बाबू जगजीवन राम की जयंती पर उनको याद करते हुए कहा कि जगजीवन राम जी ने जीवन भर समाज के लिए कार्य किया। लेकिन उनके काम को लोगों ने भुला दिया। इस मौके पर पीएम ने कहा, "हमने एक योजना बनाई है कि आदिवासियों और दलितों को नौकरी ना मांगनी पड़ी। वो नौकरी देनें वाले बनें।" सरकार इस स्कीम के तहत ऑनलाइन रजि‍स्ट्रेशन करवाने के लि‍ए एक वेब पोर्टल जल्द ही शुरू करेगी।"

पीएम ने कहा, "हमारे देश के नौजवानों को इस स्कीम से एक नया अवसर मिलेगा। मुद्रा और स्टैंडअप में एक बड़ा फर्क है। मुद्रा योजना से चाय बेचने वाला, धोबी, नाई जैसे छोटे-छोटे लोगों को बिना गारंटी लोन मुहैया कराया गया। हमारा लक्ष्य सवा लाख करोड़ से कम था। लेकिन हमने सवा तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को लोन दिए।" उन्‍होंने बताया कि मुद्रा में दस लाख तक की रकम मिलती है। स्टैंड अप इंडिया में 10 लाख से 1 करोड़ तक का लोन मिलेगा। स्टैंड अप इंडि‍या स्कीम के तहत 1.25 लाख बैंक हाशिये पर रह रही कम्युनिटीज के 1.25 लाख यंग लोगों को लोन देंगे। हर बैंक की हर ब्रांच यह श्योर करेगी कि वुमन, दलित या एक ट्राइबल को लोन दिया जा रहा है या नहीं। लोन लेने वालों को एक डेबिट कार्ड RuPay दिया जाएगा। जिससे वे काम के लिए रकम निकाल सकेंगे।

पीएम ने इस दौरान अपने चिर परिचित अंदाज में रिक्शावालों से पूछा कि क्या आप मेरा एक काम करेंगे? आप अपने बच्चों को पढाएंगे?  मैं आपसे आपके बच्चों की पढ़ाई की भीख मांगता हूं। मोदी ने कहा कि ई-रिक्शा से ग्लोबल वार्मिंग में भी मदद मिलेगी। प्रदूषण में भी मदद मिलेगी और तेल का खर्चा भी बचेगा। विजय माल्या का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि गरीब तो बैंक में पैसा जमा करते हैं, लेकिन अमीर बैंक का पैसा लेकर भागने की फिराक में रहते हैं।

मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन पर एक एप्लीकेशन है ओला का, उस एप से रिक्शा सर्च करेंगे तो आपको फौरन ई-रिक्शा मिल जाएगा। आपको बेवजह घूमना नहीं पड़ेगा। उन्होंने मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि बैंक के दरवाज़े पहले गरीब लोगों के लिए बंद थे। लेकिन हमने मुद्रा योजना के तहत बिना किसी गारंटी के इन सभी लोगों को बैंक से लोन दिलाने का काम किया। दलित परिवारों और आदिवासी परिवारों के लिए भी योजनाएं बनाई हैं। उसके लिए एक करोड़ रुपए की राशि बैंक ब्रांच को देगी। ऐसा देश के हर राज्य में होगा, ताकि देश का हर हिस्सा आगे बढ़े। मुद्रा योजना का अब तक सवा तीन करोड़ लोग लाभ ले चुके हैं।