सियोल में बोले पीएम मोदी, भारत पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 फरवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपनी दो दिवसीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल पहुंचे। यहां एयरपोर्ट पर उनका शानदार स्वागत हुआ।भारतीय समुदाय के लोगों ने वहां ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगा उनका अभिनंदन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारत-दक्षिण कोरिया के उद्योगपतियों के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और यह जल्द ही पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।


पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब पहले से अधिक खुली अर्थव्यवस्था है। पिछले चार साल में देश में 250 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है।उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई और बड़ी अर्थव्यवस्था इस तरह साल दर साल सात फीसदी की वृद्धि दर से नहीं बढ़ी है। आर्थिक सुधारों की बदौलत विश्व बैंक की कारोबार सुगमता सूची में बड़ी छलांग लगाते हुए भारत 77वें स्थान पर पहुंच गया है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल तक उन्होंने भारत को शीर्ष 50 कारोबार सुगमता वाले देशों की सूची में शामिल कराने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का काम सहयोग की प्रणाली उपलब्ध कराना है। भारत अवसरों की भूमि के तौर पर उभरकर सामने आया है। पीएम ने कहा कि भारत में व्यापार को लेकर अपार संभावनाएं हैं क्योंकि यह एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में हम सालों से 77वें पायदान से 65वें पायदान पर पहुंच गए हैं।


उन्होंने कहा कि 99 फीसदी हाउस होल्ड के पास इस वक्त खुद का बैंक अकाउंट है। भारत संभावनाओं की भूमि के तौर पर उभरा है। जब हम साथ काम करते हैं तो सपने साकार करने की दिशा में काम करते हैं, हम समान विचार वाले सहयोगियों की तलाश करते हैं। हम दक्षिण कोरिया को वास्तव में स्वाभाविक भागीदार के रूप में देखते हैं।


प्रधानमंत्री ने रवानगी से पहले दक्षिण कोरिया को 'मेक इन इंडिया' जैसी भारत की अहम पहलों में एक महत्वपूर्ण सहयोगी बताया था। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र के साथी के रूप में भारत और दक्षिण कोरिया विश्व शांति के लिए साझा मूल्य और दृष्टिकोण साझा करते हैं। 


राजधानी सियोल में पीएम मोदी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने कहा कि इस समय मानवता के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन। बापू के विचार और आदर्श आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के खतरे को दूर करने में हमारी मदद करते हैं।



उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन काल में ग्लोबल वार्मिंग या जलवायु परिवर्तन जैसी कोई चीज नहीं थी लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसा जीवन जिया, उन्होंने (गांधी जी) कहा कि हमें भावी पीढ़ी का अधिकार छीनने का हक नहीं है। आज के समय में जब पूरी मानवता को आतंकवाद ललकारता है तो महात्मा गांधी के विचार हिंसा के रास्ते पर गए लोगों को लौटने के लिए प्रेरणा देते हैं। वह किसी युग के बंधन में नहीं थे, वह आने वाले समय में भी लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे।