अब नहीं बच पाएंगे भ्रष्टाचारी, कानून में बदलाव करेगी मोदी सरकार

नई दिल्ली ( 15 दिसंबर ): सरकार की भ्रष्टाचार निवारक कानून में संशोधन करने की योजना है ताकि कानून के तहत अपराध के रूप में वर्णित माध्यमों से अर्जित की गयी संपत्ति या धन को जब्त या बरामद किया जा सके। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निवारक कानून 1988 में संशोधन प्रस्तावित है ताकि कुर्क की गयी संपत्ति को जब्त या उसका प्रबंधन किया जा सके। साथ ही कानून के तहत अपराध के रूप में वर्णित माध्यमों से अर्जित की गयी संपत्ति या धन को जब्त या बरामद किया सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 और 2015 में क्रमश: कुल 683 और 437 अधिकारियों को विभागीय रूप से दण्डित किया गया।

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार भ्रष्टाचार निवारक कानून के तहत 2014 में 4966 और 2015 में 5250 मामले दर्ज किए गए। इस कारण इनमें 5.7 प्रतिशत की वृद्धि का पता चलता है। मंत्री ने बताया कि 2016 में इस कानून के तहत कुल 696 मामले मुकदमे के दौरान निस्तारित किए गए और 447 में दोषी साबित किया गया।

सिंह ने बताया कि 2015 में 722 मामलों को निस्तारित किया गया 434 मामलों में आरोपी दोषी साबित हुए। इसी प्रकार 2014 में 770 मामलों को निस्तारित किया गया और 509 में दोषसिद्धि हुयी।