'चीन को चिढाने के लिए गर्मजोशी से मिले ट्रम्प और मोदी'


नई दिल्ली(28 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली मुलाकात काफी शानदार रही। दोनों की मुलाकात मीडिया की सुर्खियां बनी रहीं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने व्हाइट हाउस के एक आला अफसर के हवाले से लिखा है कि दोनों नेताओं की आत्मीयता चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को दिखाने के लिए थी, क्योंकि ट्रम्प चीन से काफी नाराज हैं। इसकी वजह यह है कि जिनपिंग उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम को रोकने में नाकाम रहे हैं। वहीं, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने नसीहत दी है कि भारत अमेरिका का मोहरा न बने चीन ही उसके लिए मददगार साबित होगा।


- न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने व्हाइट हाउस के एक आला अफसर के हवाले से लिखा है कि दोनों नेताओं की आत्मीयता चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग को दिखाने के लिए थी, क्योंकि ट्रम्प चीन से काफी नाराज हैं। जिनपिंग उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम को रोकने में नाकाम रहे हैं। ट्रम्प सरकार भारत को 22 ड्रोन बेच रही है। इसका इस्तेमाल भारत हिंद महासागर में चीन की जासूसी करने में कर सकता है। उधर, चीन के प्रति भारत का भी शक गहरा है। शी जिनपिंग के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ओबीओआर (वन बेल्ट वन रोड ) पर भारत को कई आपत्तियां हैं। ऐसे में, मोदी चीन के साथ कॉम्पिटीशन के लिए ट्रम्प की तरफदारी चाहते हैं।


- चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के एक दस्तावेज के हवाले से लिखा, "बीजिंग का बढ़ता असर रोकने के लिए वाॅशिंगटन को नई दिल्ली की जरूरत होगी। इसमें भारत के लिए गर्व करने लायक कुछ भी नहीं है।"


- अखबार ने आगे लिखा, "अमेरिका और भारत चीन के उदय पर चिंता साझा करते हैं। अमेरिका ने चीन पर दबाव बढ़ाने के लिए भारत से दोस्ती बढ़ाई है। चीन को घेरने की अमेरिकी स्ट्रैटजी का हिस्सा बनना भारत के लिए फायदेमंद नहीं है। इसके विनाशकारी नतीजे भी हो सकते हैं।" अखबार ने लिखा कि चीन के साथ मजबूती से खड़े रहना दिल्ली के लिए मददगार होगा।

वॉशिंगटन पोस्ट (अमेरिका):जर्नलिस्ट्स को मुलाकात से पहले ही बता दिया गया था कि कोई भी सवाल नहीं लिया जाएगा। पेरिस क्लाइमेट डील पर कोई बात नहीं हुई।


- पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लिखा कि मोदी और ट्रम्प ने एक-दूसरे को दोस्त की तरह गले लगाया। ट्रम्प ने पाकिस्तान से यह तय करने को कहा कि उसकी जमीन से आतंक न पनपे।


- अमेरिका के टाइम मैगजीन ने लिखा कि भविष्य में दोनों देशों के रिश्ते बेहतर रहने के संकेत मिले हैं। लेकिन दोनों नेताओं ने जर्नलिस्ट्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।