आतंकियों के निशाने पर शिवसेना मुख्यालय 'मातोश्री' !

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 15 मई): शिवसेना के पूर्व सदस्य और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि साल 1989 में आतंकवादियों ने ठाकरे परिवार के निवास स्थान 'मातोश्री' (Matoshree) को बम से उड़ाने की योजना बनाई थी। जिसकी वजह से शिवसेना के संरक्षक और संस्थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) और उनके परिवार के प्रत्येक सदस्यों को कुछ दिनों के लिए सुरक्षित जगह पर शिफ्ट होने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

-उन्होंने अपनी किताब में दावा किया है कि महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार ने बाल ठाकरे के बड़े बेटे उद्धव ठाकरे को फोन किया था और इस धमकी की सूचना उन्हें दी थी। उस वक्त उद्धव ठाकरे बीजेपी के समर्थन से राज्यसभा सांसद थे। नारायण राणे ने यह भी दावा कि है कि ठाकरे खालिस्तानियों की हिट लिस्ट में थे। अलगावदी खालिस्तानी आंदोलन के समर्थक मुंबई समेत कई शहरों में थे।

-उन्होंने कहा कि शिवसेना 1989 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हार गई थी और इस हार ने ठाकरे को बहुत अधिक असुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया था क्योंकि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था कांग्रेस के हाथों में थी।

-राणे ने लिखा है कि ठाकरे ने मातोश्री की सुरक्षा बढ़वाई और हर कोई हाईअलर्ट पर था। इस तनाव के बीच नवविवाहित उद्धवजी को मुख्यमंत्री पवार साहब की ओर से फोन आया। पवार ने उद्धव को तुरंत अपने पास पहुंचने को कहा। उन्होंने खासतौर पर उन्हें अकेले ही आने को कहा।

-राणे ने लिखा कि पवार ने उद्धव को बताया कि उन्हें मातोश्री को बम से उड़ाने की योजना के बारे में विश्वसनीय सूचना मिली है और जिस आतंकवादी को इसे अंजाम देना है वह शहर में आ चुका है।

-राणे ने कहा कि पवार ने उद्धव को बताया कि उन्हें इस बात की चिंता है कि मातोश्री, राज्य के पुलिस बल और यहां तक कि गृह मंत्रालय के लोग भी इसमें शामिल हैं।