नेपाल सरकार पर उसी के सहयोगी दल के नेता ने जड़े ये आरोप

नई दिल्ली (13 मई): नेपाली सरकार की सहयोगी पार्टी यूसीपाएन-एम के कद्दावर नेता नारायण काजी श्रेष्ठा ने कहा है कि भारत से राजदूत दीप कुमार उपाध्याय को वापस बुलाना न केवल अनुचित बल्कि अपरिपक्व फैसला साबित हुआ है। ललितपुर के हरिसिद्धी में मीडिया कर्मियों से नारायण काजी ने कहा कि राष्ट्रपति विध्या देबी भंडारी की भारत यात्रा को ऐन मौके को रद्द करना नेपाल की सरकार का सबसे खराब फैसला था।

राष्ट्रपति को 9 मई को पांच दिवसीय यात्रा पर भारत जाने वाली थीं। नारायण काजी ने सरकार की शांति व्यवस्था और नीति नियामक कार्यक्रमों की घोषणा को बेतुका और अनुपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2017 में फेडरल रिस्ट्रक्टरल कमीशन की रिपोर्ट आने से पहले लोकल बॉडीज़ के चुनाव कराने कोशिश प्रधानमंत्री की निजी जिद्द है, उससे ज्यादा कुध भी नहीं है। इसलिए ये चुनाव किसी भी सूरत में नहीं होने चाहिए।