दुरंतो एक्सप्रेस हादसा: ड्राइवर के इस कदम से बची 1200 लोगों की जान

नई दिल्ली(30 अगस्त): मंगलवार को नागपुर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस के 9 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में जान माल का नुकसान नहीं हुआ। इस पूरे मामले में ट्रेन ड्राइवर की सूझबूझ ने बड़ा नुकसान होने से बचाया। आसनगाव और वाशिंद रेलवे स्टेशनों के बीच यह घटना सुबह 6.36 बजे हुई। 

- एक अधिकारी ने बताया कि मोटरमैन ने महसूस किया कि आगे का ट्रैक क्षतिग्रस्त है जिसके बाद उसने ब्रेक लगाए। तब तक ट्रेन धीमी गति से क्षतिग्रस्त स्थान तक पहुंच गई थी। 

- जिस स्थान पर दुरंतो एक्सप्रेस बेपटरी हुई, बारिश के बाद उस रेल मार्ग पर वहां काम चल रहा था जिससे कुछ हिस्सा कट गया था।

- हालांकि एक रेलवे अधिकारी ने इसे संभावित कारण के रूप में खारिज कर दिया। मध्य रेलवे के प्रवक्ता ए. के. सिंह ने कहा कि दुर्घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ है, जबकि स्थानीय लोगों ने बताया कि मोटरमैन सहित कुछ लोगों को मामूली चोट आई है। राहत व बचाव कार्य के लिए घटनास्थल तक पहुंचने के लिए दो घंटे का समय लग गया, तब तक वहां के स्थानीय लोगों ने यात्रियों की मदद की और उन्हें पानी चाय नाश्ता उपलब्ध कराया।

- इस तरह बारह सौ यात्रियों की जान बचा ली गई। इसे एक चमत्कार ही कहा जा सकता है क्योंकि घटनास्थल पर बारिश के बाद भूस्खलन को इसकी वजह बताई जा रही है।