कश्मीर के भटके नौजवानों से वानी ने कहा- पत्थर नहीं, पैन उठाकर बदलो तकदीर

नई दिल्ली (12 सितंबर): कश्मीर के ‘भटके नौजवानों’ के लिए प्रेरणा बने नबील वानी ने कुछ दिन पहले ही बीएसएफ यानि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की अस्सिटेंट कमांडेंट की परीक्षा को टॉप किया है। नबील जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

जम्मू-कश्मीर के नौजवानों के लिए मिसाल बनने वाले नबील बेरोजगारी को वहां की सबसे बड़ी समस्या बताते हैं। उनका मानना है कि जितना ज्यादा हम पढ़ाई करेंगे उतनी अच्छी नौकरी के अवसर हमें मिलेंगे। हाथों में पत्थर उठाकर हमें नौकरी नहीं मिलने वाली। उन्होंने कहा कि हमें अपने भविष्‍य को देखना होगा, हमें आतंक से दूर रहकर अपने परिवार के बारे में सोचना होगा।

सोशल मीडिया पर लगातार नबील वानी की प्रशंसा इस तरह से हो रही है कि एक ये वानी (नबील) है जो कश्मीर की 95 प्रतिशत (शांति-प्रिय) जनता का प्रतिनिधित्व करता है और एक वो वानी है (आतंकी बुरहान वानी) जो मात्र 5 प्रतिशत (उपद्रवियों और गैर-सामाजिक तत्वों) का प्रेरणा-स्रोत है।

राजधानी दिल्ली में नबील वानी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। उनके साथ बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा और दूसरे आला-अधिकारी भी मौजूद थे। नबील ने एनएसए अजीत डोभाल और पीएमओ में राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह से भी मुलाकात की है।