दुनिया को ठेंगा दिखा कर नॉर्थ कोरिया ने फिर किया मिसाइल परीक्षण

नई दिल्ली (15 मई): उत्तर कोरियाई प्रशासन ने एक और मिसाइल का परीक्षण किया है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि यूएस पैसिफिक कमांड ने एक उत्तर कोरियाई मिसाइल का पता लगाया और उस पर आगे नजर रखी। पीएसीओएम ने बताया, 'मिसाइल कुसुंग के समीप प्रक्षेपित की गई और यह जापान सागर में गिरी'। पीएसीओएम के अनुसार, मिसाइल के प्रकार का पता लगाया जा रहा है और उड़ान अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के अनुरूप नहीं थी। मिसाइल की प्रकृति जो भी हो, इस प्रक्षेपण ने दक्षिण कोरिया के नए नेता मून जे इन को प्योंगयांग के साथ निपटने के लिए बाध्य कर दिया है। यह बात उस घरेलू आर्थिक एजेंडे से ऊपर है जो मून जे इन ने अपना पदभार ग्रहण करने के बाद प्राथमिकता के तौर पर बनाया था। राष्ट्रपति के वरिष्ठ सचिव यून यंग चान ने कहा कि उदारवादी मून ने उत्तर कोरिया के प्रति अपने रुढ़िवादी पूर्ववर्तियों से अलग नर्म रवैया अपनाने के पक्ष में राय जाहिर की थी, लेकिन मून ने आपातकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में इस प्रक्षेपण की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्पों का खुला उल्लंघन एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को गंभीर चुनौती करार दिया।


जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशीहीदे सुगा ने कहा कि मिसाइल उत्तर कोरिया के पश्चिमी तट के प्रक्षेपण स्थल से 800 किलोमीटर की दूरी तक गई और जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में नहीं, बल्कि जापान सागर में गिरी। जापान के रक्षा मंत्री ने बताया कि मिसाइल लगभग 2,000 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई।

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि प्रक्षेपण पूरी तरह से अस्वीकार्य है और जापान इसका जवाब सख्ती से देगा।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने एक बयान में बताया कि मिसाइल रविवार की सुबह उत्तर फ्योंगान प्रांत के कुसांग के निकट से प्रक्षेपित की गई।