आस्था : सियाचिन के 'सबसे बड़े कमांडर' करते हैं जवानों को सपने में अलर्ट

नई दिल्ली(11 फरवरी): दुनिया के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन से जुड़ी एक रोचक कहानी है। ये कहानी है सेना के शहीद ओपी बाबा की। ओपी बाबा का पूरा नाम ओम प्रकाश है, वे इंडियन आर्मी के सोल्जर थे। 

माना जाता है कि ओपी बाबा इस रणक्षेत्र में जवानों की रक्षा करते हैं। सेना के जवान उन्हें यहां का सबसे बड़ा कमांडर भी मानते हैं। यही वजह है कि यहां मोर्चे पर जाने के पहले और सही सलामत लौटने के बाद हर जवान ओपी बाबा के सामने माथा टेकना नहीं भूलता। 

ओपी बाबा का मंदिर सियाचिन में बेस कैंप के पास स्थित है। बाबा सियाचिन में खतरनाक ठंड में जवानों की रक्षा करते हैं। 1980 के दशक में उन्होंने अकेले ही मालौन चौकी पर दुश्मन के अटैक को नाकाम कर दिया था। 

सैनिकों के बीच उनके प्रति आस्था इतनी ज्यादा है कि यहां मोर्चे पर आने वाला हर जवान सबसे पहले ओपी बाबा के मंदिर के सामने हाजिर होता है। सिपाही ओपी बाबा के बारे में कहा जाता है कि 80 के दशक में वो एक फाॅरवर्ड पोस्ट पर तैनात थे। वहीं पर रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी तब से वे ग्लेशियर में तैनात भारतीय जवानों की मदद करते हैं।

उन्हें लेकर किए गए दावों की मानें तो अगर कोई जवान ग्लेशियर में रास्ता खो जाता है तो ओपी बाबा उसकी मदद करते हैं। सियाचिन में तैनात रहे कुछ जवानों के मुताबिक, अगर बर्फीला तूफान आने वाला हो तो वे किसी जवान के सपने में आकर चौकस कर देते हैं। 1996 में ओपी बाबा का मंदिर एक कुटिया में था, लेकिन 2003 के भारत-पाकिस्तान समझौते के बाद इसे मंदिर बनाकर स्थाई रूप दिया गया।