मुजफ्फरपुर कांड: पिता कमाता था 1200 रुपये महीना, ब्रजेश ने ऐसे बना डाले करोड़ों

 न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 अगस्त): मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड में बड़ा खुलासा हुआ है । मास्टरमाइंड ब्रजेश ठाकुर से कांपते थे बिहार के सरकारी अधिकारी । ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ जिसने भी कार्रवाई करने की हिम्मत की उसका तबादला कर दिया गया और इस तरह ब्रजेश ठाकुर ने अपने रसूख की बदौलत 25 करोड़ की प्रॉपर्टी बना ली ।

25 करोड़ की प्रॉपर्टी का मालिक ब्रजेश...
- दिल्ली में बंगला
- गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट
- पटना में एक मकान
- मुजफ्फरपुर में तीन मकान
- मुजफ्फरपुर में आर एम पैलेस होटल
- दरभंगा, बेतिया, मुजफ्फरपुर में जमीन और मकान
- समस्तीपुर के पताही में 10 एकड़ जमीन
- झूलन छपरा में 10 एकड़ जमीन

ब्रजेश की प्रॉपर्टी है जिसके दस्तावेज रजिस्ट्रेशन विभाग के दफ्तर से सीबीआई को मिल चुके हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में कई सरकारी जमीनों पर कब्जे के भी आरोप लगे हैं। पिता 1200 रुपए महीने पर सरकारी टीचर की नौकरी करते थे और बेटा देखते देखते 25 करोड़ का मालिक बन गया। जिस अधिकारी ने ब्रजेश के खिलाफ कार्रवाई की कोशिश की उसका तबादला करवाया।
- सेवा संकल्प विकास समिति और महिला शिल्प कला केंद्र ब्लैक लिस्टेड
- राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने ब्रजेश के 10 प्रोजेक्ट को टर्मिनेट किया
- एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई करने वाले IAS अधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया ।
- जिस स्वास्थ्य विभाग ने ब्रजेश के एनजीओ को ब्लैक लिस्टेड किया था उसी स्वास्थ्य विभाग से ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ को सालाना डेढ़ करोड़ रुपए मिलते थे ।

ब्रजेश ठाकुर की सबसे बड़ी राजदार मधु की तलाश में छापेमारी। नेपाल पुलिस ने बीरगंज के एक होटल में की छापेमारी नहीं मिली ब्रजेश की 'हनीप्रीत' ! मधु ही वो महिला है जो ब्रजेश ठाकुर के काले कारनामों का एक-एक राज जानती है। बालिका गृह रेप कांड के खुलासे के बाद से ही मधु फरार है । जिस दिन मधु पकड़ी जाएगी उसी दिन खुलासा हो जाएगा ..
- बालिका गृह का तोंदवाला अंकल कौन है ?
- बालिका गृह का मूंछवाला अंकल कौन है ?
- लड़कियों को होटल में किनके पास भेजा जाता था ?
- ब्रजेश ठाकुर के किन सफेदपोशों से तार जुड़े हैं ?
इतना ही नहीं ब्रजेश ठाकुर ने मधु के भाई को मुजफ्फरपुर के सीडब्ल्यूसी का सदस्य बना दिया था । ये वही सीडब्ल्यूसी कमेटी है जिस पर बालिका गृह की बच्चियों और लड़कियों को सरकारी तौर पर देखरेख की जिम्मेदारी थी ।
- मधु का भाई रहीम सीडब्ल्यूसी का सदस्य था
- जांच की भनक लगने के साथ ही रहीम ने इस्तीफा दे दिया
- मधु का ये भाई रहीम भी फरार है
आपको बता दें सीडब्ल्यूसी के दो सदस्य रवि कुमार रौशन और विकास कुमार गिरफ्तार हैं । सीडब्ल्यूसी का चेयरमैन दिलीप वर्मा फरार है ।