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मुजफ्फरपुर: जेल में रची गई थी पूर्व मेयर की हत्या की साजिश, गुर्गो ने दिया अंजाम

मुजफ्फरपुर में पूर्व मेयर समीर सिंह की हत्या के बाद उभरा आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन भी विभिन्न संघटनों ने मुजफ्फरपुर बंद की घोषणा की थी, जिसका असर भी देखने को मिला। बंद समर्थकों ने जिला समाहरणालय में भी अधिकारियों के सामने प्रदर्शन किया और एसएसपी दफ्तर

न्यूज 24 ब्यूरो, अमिताभ ओझा, पटना (25 सितंबर): मुजफ्फरपुर में पूर्व मेयर समीर सिंह की हत्या के बाद उभरा आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन भी विभिन्न संघटनों ने मुजफ्फरपुर बंद की घोषणा की थी, जिसका असर भी देखने को मिला। बंद समर्थकों ने जिला समाहरणालय में भी अधिकारियों के सामने प्रदर्शन किया और एसएसपी दफ्तर के बाहर नारेबाजी की।पुलिस का दावा है कि वह पूर्व मेयर के हत्यारों तक पहुंच चुकी है। मामले में अब तक शहर के व्यवसायी सुशील छापड़िया को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि जिले में कुख्यात शम्भू मंटू गिरोह से जुड़े पांच अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अबतक कि जांच में यह साफ हो गया है कि हत्या का कारण रियल स्टेट के धंधे में समीर सिंह की बढ़ती साख है, जिस कारण उनके पार्टनर से लेकर विरोधी सिंडिकेट के लोगों ने एकजुट होकर हत्या की साजिश रची है।सूत्रों के अनुसार हमले में शामिल दो शूटरों की पहचान भी हो गई है। लेकिन पुलिस अभी हथियार बरामद नहीं कर सकी है, जिससे पूर्व मेयर की हत्या हुई थी। बताया जाता है कि जिन दो शूटरों की पहचान हुई है, उनमें एक का नाम गोविंद जबकि दूसरे का सतीश है। दोनों जेल में बंद शम्भू मंटू के लिए काम करते है। इस बीच पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि पूरी साजिश मुजफ्फरपुर जेल में रची गई थी, लेकिन किसी खास नजदीकी ने मुखबिरी की थी।समीर सिंह के पास लाइसेंसी हथियार था, जिसे लेकर वो रोज निकलते थे। लेकिन घटना के समय वो हथियार उनके पास नहीं था। मुजफ्फरपुर के जोनल आईजी सुनील कुमार के अनुसार इस मामले की जांच के दौरान एसआईटी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली है, जिसके आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है। आईजी सुनील कुमार के अनुसार जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा।

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