जातीय हिंसा से नाराज 800 दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म

नई दिल्ली ( 15 जून ): ) उत्तर प्रदेश में जातीय हिंसा बढ़ने की वजह से दलितों में काफी गुस्सा है। सहारनपुर के शब्बीरपुर की घटना से नाराज चरथावल के गांव के सैकड़ों दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया। कुछ दिन पहले इन्होंने धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी थी। ग्राम प्रधान लियाकत अली ने धर्म परिवर्तन की पुष्टि की है जबकि पुलिस-प्रशासन को भनक नहीं लगी। चरथावल क्षेत्र के न्यामू गांव में दलितों की संख्या 800 से ज्यादा है


सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा को लेकर गांव के दलित समाज के लोग नाराज चल रहे थे। शामली के थानाभवन निवासी रोकी अंबेडकर के नेतृत्व में दलितों की गांव में बैठक कर धर्म परिवर्तन का फैसला लिया। इसके बाद गांव के रविदास मंदिर पर लार्ड बुद्धा सेवा समिति के बैनर तले कार्यक्रम में सैकड़ों दलितों ने धर्म-परिवर्तन कर बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया। दीक्षा लेने के बाद भीम नमो बुद्धाय के उद्घोष के साथ पदयात्रा निकाली।


न्यायू के रविदास मंदिर में धर्म परिवर्तन को लेकर पूजा पाठ किया गया और धम्म सागर के समक्ष बौद्ध दीक्षा ग्रहण की गई। कार्यक्रम में वयस्क लोगों के साथ बच्चे भी थे।