#News24Conclave: ''कभी सोचा नहीं, प्लंबरिंग और वेल्डिंग के प्रोफेसर होने चाहिए''

नई दिल्ली (21 मई): #News24Conclave में स्किल डवलेपमेंट मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि पारंपरिक लोगों के लिए 67 वर्षों तक शिक्षा में ही निहित रहा कौशल। आज तक देश ने कभी सोचा नहीं कि प्लंबरिंग और वेल्डिंग के प्रोफेसर होने चाहिए, लेकिन पहली बार मोदी सरकार ने इस स्किल को युवाओं के कैरियर बनाने की बात कही है।

रूडी ने कहा कि सरकार का काम है कि ऐसा सिस्टम बनाए जिसमें अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण मिल सके। आज 12वीं पास करके भी युवा ब्रिज कोर्स कर सकते हैं। ऑन जॉब ट्रेनिंग के प्रोग्राम को हमारी सरकार रिवाइव कर रही है। चीन में हुनर सीखने के लिए करोड़ों लोग जाते है, लेकिन भारत में इनकी संख्या कुछ लाख ही है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बढ़नी शुरू हो जाए तो आज इंडस्ट्री को कुशल कारीगर नहीं मिलेंगे। ऐसे में इंडस्ट्री के लिए बाहर से कारीगर मंगाने पड़ेंगे।

स्किल डवलेपमेंट मंत्री ने कहा कि भारत में 18 लाख ड्राइवर्स का शॉर्टेज। झारखंड में एक भी ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट नहीं बना। #MakeinInda तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक मेकर ही इंडिया में न हो। 24 मंत्रालयों ने मिलकर स्किल डवलेपमेंट के लिए एक Eco System बनाया है। 66 वर्षों में जिन्होंने शिक्षा चलाई, कभी उन्होंने स्किल पर ध्यान ही नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कहीं भी दुनिया में कौशल विकास का अलग से सिस्टम नहीं होता, वह स्कूली शिक्षा में ही समाहित है। 67 साल से Skill Development की बात नहीं हुई, हमने आकर शुरु किया है, बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है। #MakeinIndia तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक मेकर ही इंडिया में न हो।

रूडी ने बताया कि 12 वर्ष की स्कूली शिक्षा युवा को रोजगार के लायक नहीं बना सकता है, लेकिन कुछ हफ्तों की ट्रेनिंग युवाओं को रोजगार दिला सकती है। ITIs को मजबूत बनाना है, 2500 ब्लॉक्स ऐसे हैं जहां ITIs नहीं। IIT को मजबूत करना हमारी प्राथकिता में है। अभी तक देश में कोई ऐसी संस्था ही नहीं थी इन बातों पर विचार करे। उन्होंने बताया कि देश के इतिहास में पहली बार स्किल पर चर्चा हो रही है। मैं मंत्रालय में रहूं ना रहूं पर आने वाले लोगों को पता होगा कि अगले 100 सालों में स्किल के लिए क्या करना है। डेढ़ साल में मंत्रालय के काम-काज का आंकलन ठीक नहीं।