कश्मीरियत का अनूठा नजारा: पुलवामा मुसलमानों ने पंडित की अर्थी को दिया कंधा

पुलवामा (15 जुलाई): जम्मू-कश्मीर में एक तरफ जहां कुछ लोग पाकिस्तान के इशारे पर हिंसा और नफरत फैलाने में सिद्दत से जुटे हैं वहीं राज्य में अब भी कश्मीरियत बाकी है। इसका नजारा आतंक प्रभावित पुलवामा में देखने को मिला। यहां कश्मीरी पंडित की अर्थी को मुस्लिम भाईयों ने कंधा देकर अंतिम विदाई दी। स्थानीय मुस्लिमों ने न सिर्फ कांधा दिया बल्कि अंतिम संस्कार तक श्मशानघाट में खड़े रहे।

दरअसल पुलवामा में रहने वाले तेज कृष्ण के निधन की खबर जैसे उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों को मिली। सभी एक जगह एकत्रित हो गए। उसके बाद उन्होंने उनके शव की अर्थी तैयार कर उनकी शव यात्रा में शामिल हुए। वहीं पड़ोसियों के अनुसार तेज कृष्ण का उनके आसपास के लोगों से बेहतर रिश्ता था। तेज कृष्ण के निधन से इनके पड़ोसी भी गमगीन हैं।


आपको बता दें कि कश्मीर में यह पहला मौका नहीं है कि जब कश्मीरी मुसलमानों ने किसी पंडित या हिन्दू का अंतिम संस्कार को रीति रिवाजों से किया हो। गौरतलब हो कि कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा और उत्तरी कश्मीर में हिंसक झड़पों का दौर जारी था। लेकिन ऐसे में भी सांप्रदायिक सोहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली है।