फतवा: शौहर ठीक नहीं तो औरत भी दे सकती है तलाक

नीरज आनंद, बरेली (28 अगस्त) : अगर किसी मुस्लिम महिला का पति शराबी है, दूसरे ऐब है, बीमार या अक्षम है तो मुस्लिम महिला अपने पति को तलाक दे सकती है। बशर्ते निकाह के वक्त उसने अपने पति से यह अख्तियार हासिल किया हो। 

शरीयत के हवाले से दरगाह आला हजरत दारुल इफ्ता मंजरे इस्लाम के मुफ्ती सलीम नूरी ने हाल ही में एक फतवा जारी कर यह बात साफ कर दिया है और तफवीजे़ तलाक कहे जाने वाले इस हक की शर्तें भी बताई हैं। अब तक यही आम धारणा थी कि तलाक का हक सिर्फ पति को है महिला तलाक नहीं दे सकती।

मुफ्ती सलीम नूरी से मैनचेस्टर (अमेरिका) से मौलाना असद मसूद ने दो साल पहले ने सवाल किया था कि जब इस्लाम में औरत और मर्द को बराबर का हक है, तो महिला तलाक क्यों नहीं दे सकती। इसी मसले पर 22 दिन पहले कानपुर के फहीम रजा ने फिर सवाल किया था कि क्या औरत तलाक का अख्तियार ले सकती है और अगर शौहर अख्तियार दे दे तो वो तलाक देने की हकदार है या नहीं।

इस पर मुफ्ती सलीम नूरी का जवाब था कि फिकही जबान में इसको तफवीजे़ तलाक कहते हैं। इसकी कुछ खास शर्तें रखी हैं जिसका उल्लेख फिकही किताबों में मौजूद है।