मुस्लिम महिला का 'महादान', बीमार हिंदू 'बहन' को देंगी अपनी किडनी

नई दिल्ली(30 जुलाई): जहां एक ओर कुछ लोग उत्तर प्रदेश के साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने में लगे हैं, वहीं फतेहपुर जिले की शमशाद बेगम ने आपसी भाईचारे की नायाब नजीर पेश की है।

-यहां बिंदकी तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव रारिबुजुर्ग की रहने वाली शमशाद बेगम ने पुणे की रहने वाली एक हिंदू महिला को अपनी किडनी देने का फैसला किया है।

-मुस्लिम महिला का 'महादान', बीमार हिंदू 'बहन' को देंगी अपनी किडनी के मुताबिक, डोनर शमशाद बेगम (40) और रेसिपेंट आरती (38) ने सभी मेडिकल एग्जामिनेशन को पूरा कर लिया है। इतना ही नहीं, बेगम ने जिला स्वास्थ विभाग में किडनी देने के लिए सभी दस्तावेज भी जमा कर दिए हैं। अब इन्तजार है तो राज्य सरकार की ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन कमेटी की ओर से हरी झंडी की।

-दरअसल, बीमार आरती शमशाद बेगम की छोटी बहन जुनैदा खातून की सहेली हैं और एक साल से मौत और जिंदगी से जूझ रही हैं।

-शमशाद बेगम ने कहा कि वे आरती की पीड़ा को नहीं देख सकीं। उसके बाद उन्होंने अपना ब्लड टेस्ट करवाया जो आरती के ब्लड से मैच हो गया।

-उन्होंने कहा, “मैं किडनी देने के लिए तैयार हूं। किसी भी इन्सान का धर्म इंसानियत होना चाहिए। यह एक इन्सान के लिए महज छोटा सा बलिदान है।”

-शमशाद बेगम के पति की मौत दस साल पहले हो गई थी और वे अपने पिता जाकिर और बेटी के साथ रारिबुजुर्ग गांव में रहती हैं। शमशाद की मुलाकात आरती से उस समय हुई जब वे अपने बहन के यहां पुणे गईं।

-उन्होंने आरती को डायलिसिस पर देखा। आरती की दोनों किडनी ख़राब हो चुकी थी और वे मौत से जूझ रही थी। शमशाद ने बिना कुछ सोचे अपनी किडनी देने का फैसला किया।