'मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और हाफिज सईद के जमात-उद-दावा में कोई फर्क नहीं'

नई दिल्ली (7 सितंबर): सुप्रीम कोर्ट में एक महिला वकील ने हलफनामा दाखिल कर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पर गंभीर आरोप लगाया। फरहा फैज नाम की इस महिला वकील ने कहा कि AIMPLB, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन (BMMA) और हाफिज मोहम्मद सईद के संगठन जमात-उद-दावा में कोई फर्क नहीं है।

- रिपोर्ट के मुताबिक, फरहा ने कहा कि इन सभी की विचारधारा एक हैं।  - उन्होंने सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक से जुड़े मामलों में दखल देने की इजाजत दी है।  - फरहा ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में शर्रियत कोर्ट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। - उन्होंने कहा कि इसके जरिए देश की न्यायपालिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं और सरकार को चुनौती दी जा रही है। - उन्होंने कहा कि देश को बचाने के लिए एआईएमपीएलबी और बीएमएमए जैसे संगठन को समाप्त कर दिया जाना चाहिए क्योंकि उनकी विचारधारा हाफिज सईद के समान है।