भाई-बहन ने शौचालय बनाने के लिए स्कूल को दी अपनी स्कॉलरशिप

नई दिल्ली(14 सितंबर): मध्यप्रदेश के मुस्लिम भाई-बहन ने स्वच्छता के लिए एक मिसाल पेश की है। इन्हें अल्पंसख्यक समुदाय की कैटेगरी में स्कॉलरशिप के पैसे मिले थे। इनमें से 2000 रुपये बचा लिए। अब इन्होंने मध्यप्रदेश के नरसिंगपुर जिले के लड़कियों के एक स्कूल को शौचालय बनाने के लिए ये रकम दी है।

स्कूल में अभी केवल एक शौचालय है

उनकी इस पहल को देखते हुए उनके पिता ने भी स्कूलों को 14,500 रुपये का योगदान दिया। आमिर खान की उम्र महज 14 साल है। वह दसवीं कक्षा में पढ़ता है। बहन मेमूना खान 16 साल की है। मेमूना 11वीं कक्षा में पढ़ती है। मेमूना कहती है कि महारानी लक्ष्मी बाई हाइयर सेंकेंडरी स्कूल में केवल एक शौचायल है। लड़कियां आधे-आधे घंटे तक लाइन लगाकर शौचालय का इस्तेमाल करती हैं। आमिर कहता है कि जब मेरी बहन ने मुझे बताया तो हम दोनों ने अपनी स्कॉलरशिप से कुछ पैसे जोड़ने शुरू किए। हमारे पास 10 हजार रुपये थे। इसमें दो हजार अलग निकाले गए। वहीं, स्कूल की एक शिक्षिका कहती है कि शौचालय बनाने का काम शुरू हो चुका है। स्कूल पैसे की तंगी से जूझ रहा था।

जब सीएम ने कहा- भांजियों की बात कैसे टाल सकता हूं?

मेमूूना ने साल 2011 में अपने स्कूल की ओर आने वाली सड़क को बनवाने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखा था। उसने अपने संबोधन में सीएम को मामाजी कहा था। पत्र का जबरदस्त असर हुआ था। चंद मिनटों में सीएम कार्यालय की ओर से सड़क बनाने के निर्देश जारी हुए थे। सीएम ने खुद से फंड आवंटित कर दिया था। उन्होंने कहा सार्वजनिक तौर पर मेमूना के पत्र पर कहा था कि भांजियों की बात कैसे टाल सकता हूं?  

स्वच्छता के प्रति हो रहे जागरूक

नरेंद्र मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान से देश में बड़ा असर हो रहा है। हर राज्य में तेजी से शौचालय बनाए जा रहे है। साल 2020 तक देश को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। हाल में यूनिसेफ और केंद्र सरकार की पहल से लद्दाख में भी इस मुहिम को बढ़ाया गया। लद्दाख को खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प लिया गया।