शबाना ने SMS भेजकर मांगी मदद, DM ने ईदी देकर पेश की मिसाल

नई दिल्ली (26 जून): ईद का त्यौहार किसी मुस्लिम के लिए कितना मायने रखता है इसके प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। वाराणसी के डीएम ने एक ऐसी लड़की की गुहार पढ़ उसे तुरंत ईदी भेज दी जिसे सबसे ज्यादा जरूरत थी।

वाराणसी की शबाना के घर ईद की कोई तैयारी नहीं थी। किसी के पास नए कपड़े नहीं थे क्योंकि शबाना के घर की माली हालत ऐसी नहीं थी कि ईद की तैयारी कर सकती। उदास शबाना के दिमाग मे एक ख्याल आया कि उसने जिले के जिलाधिकारी का नंबर पता किया और फिर फौरन एक मैसेज भेज दिय।

लड़की ने एसएमएस भेजा कि डीएम सर नमस्ते, मेरा नाम शबाना है और मुझे आपकी थोड़ी सी हेल्प की जरूरत है। सर सबसे बड़ा त्यौहार ईद है सब लोग नए कपड़े पहनेंगे। लेकिन हमारे परिवार में किसी का भी कपड़ा नहीं आया। मेरे माता-पिता नहीं है। 2004 में इंतकाल हो चुका है। मेरे घर में मैं और मेरी नानी और छोटा भाई है सर।

काशी विद्यापीठ विकासखंड के मंडुआडीह थाना अंतर्गत शिवदासपुर निवासी बिना मां-बाप की शबाना का यह मैसेज जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र की मोबाइल पर ईद से एक दिन पहले रविवार को दोपहर में मिला। दिल को झकझोर देने वाले इस मैसेज को पढ़ते ही जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने शबाना को ईद की ईदी देने की मन बना लिया।

उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर सुशील कुमार गौड़ को तत्काल तलब किया और निर्देश दिया कि वह आज ही रविवार को उनकी ओर से शबाना और उसकी नानी और छोटे भाई को नए कपड़े, मिठाईयां और ईद की सेवई के लिए पैसे तत्काल पहुंचाएं।

इसके बाद शबाना ने जिस मोबाइल नंबर से जिलाधिकारी को मैसेज किया था, उस मोबाइल नंबर से शबाना के घर का लोकेशन लिया गया। फिर एसडीएम सदर शबाना, उसके छोटे भाई व नानी के लिए कपड़े और मिठाइयां लेकर शबाना के घर पहुंच गये। अपनी ईदी देखते ही शबाना के खुशी का ठिकाना ना रहा। उसे विश्वास नहीं हुआ कि डीएम से अपील करने पर इतना जल्दी उसकी समस्याओं का समाधान हो गया और उसे उसकी ईदी मिल गई।