WATCH : 'मुस्लिम जैसे' दिखने पर परिवार को विमान से उतारा

नई दिल्ली (2 अप्रैल) : यूनाइटेड एयरलाइंस के पायलट ने एक मुस्लिम परिवार को फ्लाइट से पहले विमान से उतर जाने के लिए कहा। पायलट ने इसके लिए सुरक्षा मुद्दों का हवाला दिया।

'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक ईमान एमी साद शेबले, उनके पति और तीन बच्चे शिकागो एयरपोर्ट से वाशिंगटन की फ्लाइट पकड़ने के लिए विमान पर सवार हुए थे। लेकिन पायलट ने उन्हें विमान से उतर जाने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि इस परिवार ने क्रू की एक सदस्य से बच्चों की सुरक्षा के लिहाज़ से खास सीटें उपलब्ध कराने के लिए कहा था।

इस पर क्रू की सदस्य और पायलट ने परिवार को विमान से उतर जाने के लिए कहा। शेबले ने उस वक्त अपने मोबाइल से फिल्म भी बना ली। शेबले ने पायलट से पूछा कि क्या ये भेदभाव वाला फैसला है। पायलट ने इस पर जवाब दिया कि ये फ्लाइट सुरक्षा का मुद्दा है।  

इस घटना के बाद अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस काउंसिल ने इस मामले में परिवार के हवाले से यूनाइटेड एयरलाइंस को चिट्ठी लिखी है। इसमें संबंधित स्टाफ के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

केयर शिकागो के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अहमद रेहाब ने एक बयान में कहा है कि हम ऐसी घटनाओं से थक गए हैं जिनमें सुरक्षा का हवाला देकर मुस्लिम जैसे दिखने वाले परिवारों को फ्लाइट से उतार दिया जाता है। सुरक्षा का मतलब यात्रियों की सुरक्षा होता है ना कि यात्रियों का उत्पीड़न करना। .

शेबले ने अपने फेसबुक पेज पर भी लिखा है कि यूनाइटेड एयरलाइंस शर्म करो...मुझे और मेरे परिवार को सिर्फ इस कारण से कि हम कैसे दिखते हैं, विमान से उतार दिया गया। हम स्प्रिंग ब्रेक के लिए वाशिंगटन डीसी जा रहे थे। मेरे तीनों बच्चे अभी बहुत छोटे हैं जिन्हें इस तरह का अनुभव दिया गया।

शेबले के परिवार से एयरलाइंस ने माफ़ी मांगी है। विमान से उतारे जाने के बाद उन्हें दूसरी फ्लाइट बुक करनी पड़ी।

बता दें कि पिछले साल मई में एक मुस्लिम महिला तागेरा अहमद को यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में डाइट कोक का कैन ले जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। कहा गया था कि वो इसका हथियार की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं। 

देखें विडियो-

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