मवेशी शो में भैंसों के 'विक्की डोनर' युवराज पर होगी सबकी नजर

नई दिल्ली ( 7 नवंबर ) :  इस बार मवेशी शो में सबकी नजर भैंसों के 'विक्की डोनर' होगी। जयपुर में होने वाले ग्लोबल एग्रीटेक मीट में इस बार मुर्रा नस्ल के भैंसे 'युवराज' पर सबकी नजरें हैं। इससे पहले भी युवराज ने उत्तर भारत में कई मवेशी प्रदर्शनियों की शान बढ़ाई है। बता दें कि युवराज के मालिक ने उसे 7 करोड़ रुपये में भी बेचने से इनकार कर दिया था।

राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी के मुताबिक जीआरएएम का आयोजन जयपुर में 9 से 11 नवंबर के बीच हो रहा है। मुर्रा नस्ल दुनिया भर में भैंस की सबसे बढ़िया नस्ल मानी जाती है। यह मूलतः हरियाणा और पंजाब में पाए जाते हैं। हालांकि इस नस्ल की कुछ भैंसें वेस्टर्न यूपी में भी मिलती हैं।

युवराज तब खबरों में आया जब हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रहने वाले उसके मालिक कर्मवीर ने उसे 7 करोड़ रुपये में बेचने का ऑफर ठुकरा दिया था। इसके पीछे वजह यह थी कि युवराज के स्पर्म बेचकर और मवेशी शो में हिस्सा लेकर कर्मवीर हर साल 50 लाख रुपये की कमाई करते हैं।

मुर्रा नस्ल के सबसे बेहतरीन भैंसों में से एक युवराज ने अब तक 17 नेशनल अवॉर्ड जीते हैं। इतना ही नहीं युवराज के स्पर्म्स से अब तक डेढ़ लाख बछड़े पैदा हो चुके हैं। खबरों की माने तो युवराज की मां भी एक दिन में 25 लीटर दूध दिया करती थी।

​हर साल 50 लाख रुपये कमाता है यह भैंसा

कर्मवीर के मुताबिक युवराज एक दिन में 3.5 मिलीलीटर से 5 मिलीलीटर तक हाई क्वॉलिटी स्पर्म जेनरेट करता है। 0.25 मिलीलीटर स्पर्म की कीमत तकरीबन 1500 रुपये होती है। युवराज 14 फुट लंबा और 6 फुट ऊंचा है। वह एक दिन में 20 लीटर दूध पीता है, 5 किलोग्राम सेब खाता है और 15 किलोग्राम पशु आहार खाता है। इतना ही नहीं हर दिन युवराज 4 किलोमीटर घूमता है।

इस भैंसे को खरीदने के लिए एक किसान ने 7 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका ने भी 9 करोड़ रुपये में इस भैंसे को खरीदने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन कर्मवीर ने ये ऑफर ठुकरा दिए थे।