मजदूरी करता था टीम इंडिया का ये 'एक्सप्रेस' गेंदबाज, पहनने को नहीं होते थे जूते

नई दिल्ली(1 जून): एक समय टीम इंडिया के सबसे तेज गेंदबाज रहे मुनाफ पटेल इन दिनों क्रिकेट से दूर हैं। वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे दौरे के लिए भी उनको टीम में जगह नहीं मिली है। मुनाफ इन दिनों अपने गांव में रह रहे हैं।टीम इंडिया का ये गेंदबाज अपनी स्पीड और सटीक यॉर्कर के लिए जाना जाता था। 

पहले ही मैच में किया था करिश्मा

इंग्लैण्ड के खिलाफ 2005 में मोहाली टेस्ट से डेब्यू करने वाले मुनाफ ने अपने पहले ही मैच में 97 रन देकर सात विकेट लिए थे और अपनी रफ्तार से सनसनी मचा दी थी। इसके अलावा 2011 विश्व कप क्रिकेट से पहले दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर पटेल ने बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और विश्व कप टीम में अपनी जगह पक्की की। मुनाफ उस समय 145 से अधिक की रफ्तार से गेंद डालते थे। मुनाफ ने 13 टेस्ट मैच में 35 विकेट, जबकि 70 वनडे मैच में 86 विकेट हासिल किए हैं।

90 रुपये दिहाड़ी पर सिरेमिक टाइल्स की फैक्ट्री में करते मजदूरी

12 जुलाई, 1983 के जन्मे मुनाफ के पिता इकहर गांव के सरपंच थे। मुनाफ ने अपने करियर की शुरुआत अपनी घरेलू टीम से नहीं की। उन्होंने अपने घरेलू करियर की शुरुआत मुंबई टीम से की। मुनाफ शुरुआती दिनों में 90 रुपये दिहाड़ी पर सिरेमिक टाइल्स की फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। शुरूआती दिनों में मुनाफ पटेल के पास गेंदबाजी करने के लिए पहननो के जूते नहीं होते थे और वह ऐसे ही गेंदबाजी करते थे। 

मोरे- सचिन ने बदली जिंदगी

चयनकर्ता किरन मोरे ने चेन्नई में मुनाफ पटेल को एक कार्यक्रम में शामिल होने के बुलाया, जहां इन्होंने सचिन तेंदुलकर का ध्यान अपनी ओर खींचा। सचिन ने मुनाफ की दक्षता पहचानी और उन्हें मुंबई टीम से खेलने के लिए राजी कर लिया। हालांकि मुनाफ 2008 में बड़ोदरा की टीम में शामिल हो गए। 

इसके अलावा 2011 विश्व कप क्रिकेट से पहले दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर पटेल ने बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और विश्व कप टीम में अपनी जगह पक्की की। मुनाफ ने 13 टेस्ट मैच में 35 विकेट, जबकि 70 वनडे मैच में 86 विकेट हासिल किए हैं।